अयोध्या-प्रतापगढ़ खंड पर प्रस्तावित हाई-स्पीड एक्सेस कंट्रोल ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को लेकर केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। इस कॉरिडोर को सिक्स लेन के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे अयोध्या से प्रयागराज के बीच यातायात और अधिक तेज व सुगम हो सकेगा। अधिसूचना के अनुसार, जिले की सदर, सोहावल और बीकापुर तहसील के कुल 51 गांवों की भूमि इस परियोजना के लिए अधिग्रहित की जाएगी। भूमि अधिग्रहण की जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) को सौंपी गई है। हालांकि, एडीएम भूमि अध्याप्ति कौशल किशोर ने इस अधिसूचना से अनभिज्ञता जताई है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर हलचल बनी हुई है। सदर और सोहावल के 11 गांव भी प्रभावित
परियोजना के तहत सदर तहसील के बरौली, शिवदासपुर, भदोखर, सुक्खापुर इटौरा, नारायनपुर और अकवारा समेत छह गांवों की जमीन ली जाएगी। वहीं, सोहावल तहसील के खानपुर मसौधा, धर्मदासपुर, अबनपुर सरोहा, पलिया रिसाली और मधुपुर सहित पांच गांव इस दायरे में आएंगे। बीकापुर के 40 गांवों में होगा सबसे ज्यादा असर
सबसे अधिक प्रभाव बीकापुर तहसील के 40 गांवों पर पड़ेगा। इनमें भावापुर, जेरूवा, शेरपुर, हरिदासपुर, बबुरिहाकौंधा, जैनपुर, पातुपुर, गुंधौर, वासुदेवपुर, मलिकपुर, उमरी, मानापुर, करनपुर, बसंतपुर, दुवांवा, पूरे लाला किलहना, रूपीपुर, बझना, गोविंदपुर, भवनाथपुर, प्रानपुर, गंड़ई, खजुरहट, प्रतापपुर, बरहुपुर, भैरवपुर टिकरा, नुवावा, बैदरा, रामनगर परोमा, माझा सोनौरा, बैतीकला, तारडीह, इछौरी, रंडौली, पश्चिमपाली, चौरे चंदौली, कुरेभारी, रतनपुर, तेंदुआ, नंदरौली और शाहापारा शामिल हैं। हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से बढ़ेगी रफ्तार
ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनने से अयोध्या और प्रयागराज के बीच यात्रा समय में कमी आएगी। साथ ही, यह मार्ग भविष्य में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा। प्रशासनिक स्तर पर स्पष्टता का इंतजार
अधिसूचना जारी होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन के स्तर पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। एडीएम स्तर पर अनभिज्ञता जताए जाने के बाद अब किसानों और स्थानीय लोगों की नजर आगामी कार्रवाई और मुआवजा प्रक्रिया पर टिकी हुई है।


