मुंगेर के बरियारपुर प्रखंड अंतर्गत रतनपुर पंचायत स्थित मध्य विद्यालय चिरैयाबाद में सोमवार को शिक्षा विभाग ने नामांकन सत्र के लिए जागरूकता अभियान चलाया। विद्यालय के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और पूरे विद्यालय परिवार ने गांव का भ्रमण कर ग्रामीणों को सरकारी विद्यालयों में बच्चों का नामांकन कराने के लिए प्रेरित किया। अभियान के दौरान, बच्चों ने नारों और जनसंपर्क के माध्यम से अभिभावकों से अपील की। उन्होंने निजी विद्यालयों के बजाय सरकारी स्कूलों में बच्चों का दाखिला कराने का आग्रह किया, ताकि उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके। कई अभिभावक निजी स्कूलों में अधिक खर्च करते शिक्षकों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि सरकारी विद्यालयों में अब बेहतर शिक्षण व्यवस्था, पुस्तकें, पोशाक, छात्रवृत्ति और मध्याह्न भोजन सहित कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिक्षकों ने यह भी बताया कि कई अभिभावक निजी स्कूलों में अधिक खर्च करते हैं, जबकि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनेक सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों से जोड़ने का आग्रह किया, ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल बन सके। नामांकन सत्र में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने का आश्वासन ग्रामीणों ने अभियान का समर्थन करते हुए आश्वासन दिया कि वे नामांकन सत्र में सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे और अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने के लिए आगे आएंगे। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पहले की तुलना में बेहतर हुई है और यह बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक बेहतर विकल्प बन रहा है। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक आलोक कुमार ने बताया कि नामांकन अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के हर बच्चे को स्कूल से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिवार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इस अवसर पर शिक्षक पिंकू कुमार, निवास कुमार, पंकज कुमार सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे। मुंगेर के बरियारपुर प्रखंड अंतर्गत रतनपुर पंचायत स्थित मध्य विद्यालय चिरैयाबाद में सोमवार को शिक्षा विभाग ने नामांकन सत्र के लिए जागरूकता अभियान चलाया। विद्यालय के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और पूरे विद्यालय परिवार ने गांव का भ्रमण कर ग्रामीणों को सरकारी विद्यालयों में बच्चों का नामांकन कराने के लिए प्रेरित किया। अभियान के दौरान, बच्चों ने नारों और जनसंपर्क के माध्यम से अभिभावकों से अपील की। उन्होंने निजी विद्यालयों के बजाय सरकारी स्कूलों में बच्चों का दाखिला कराने का आग्रह किया, ताकि उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके। कई अभिभावक निजी स्कूलों में अधिक खर्च करते शिक्षकों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि सरकारी विद्यालयों में अब बेहतर शिक्षण व्यवस्था, पुस्तकें, पोशाक, छात्रवृत्ति और मध्याह्न भोजन सहित कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिक्षकों ने यह भी बताया कि कई अभिभावक निजी स्कूलों में अधिक खर्च करते हैं, जबकि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनेक सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों से जोड़ने का आग्रह किया, ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल बन सके। नामांकन सत्र में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने का आश्वासन ग्रामीणों ने अभियान का समर्थन करते हुए आश्वासन दिया कि वे नामांकन सत्र में सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे और अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने के लिए आगे आएंगे। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पहले की तुलना में बेहतर हुई है और यह बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक बेहतर विकल्प बन रहा है। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक आलोक कुमार ने बताया कि नामांकन अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के हर बच्चे को स्कूल से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिवार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इस अवसर पर शिक्षक पिंकू कुमार, निवास कुमार, पंकज कुमार सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे।


