आजादी के 80 साल बाद भी निशानी कायम:लेकिन जबलपुर की ऐतिहासिक घड़ियों की सुइयां थमीं; लाखों खर्च के बाद भी ‘टिक-टॉक’ बंद
जबलपुर में ब्रिटिश शासनकाल में बनाई गई ऐतिहासिक इमारतें आज भी मजबूती से खड़ी हैं, लेकिन इन पर लगी घड़ियों की सुइयां थम चुकी हैं। शहर की पहचान रहे घंटाघर, गोकुलदास धर्मशाला, कमानिया गेट और नगर निगम मुख्यालय की एंटीक घड़ियां अब बदहाली का शिकार हैं। इनके रखरखाव और जीर्णोद्धार पर लाखों रुपए खर्च होने…

