गयाजी में पुलिस पर हमला, गाड़ी में तोड़फोड़:बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहुंची थी टीम, हिरासत में 6 लोग; ग्रामीण घर छोड़कर फरार

गयाजी में पुलिस पर हमला, गाड़ी में तोड़फोड़:बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहुंची थी टीम, हिरासत में 6 लोग; ग्रामीण घर छोड़कर फरार

गयाजी में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर उग्र लोगों ने हमला कर दिया। बालू लोडेड ट्रैक्टर का छुड़ा लिया। इस दौरान पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई है। कुछ पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें भी आई हैं। मौके से 6 लोगों को हिरासत में लिया गया है। कार्रवाई के डर से गांव से बड़ी संख्या में लोग फरार हो गए हैं। कई घरों में ताला लटका पड़ा है। घटना परैया प्रखंड के बैकटपुर की है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि शनिवार देर रात टीम पहुंची थी। इस दौरान पुलिसकर्मियों की पिटाई की गई है। परैया थानाध्यक्ष सुनीता कुमारी के साथ भी अभद्रता की बात सामने आ रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। खास बात यह कि एक सप्ताह के अंदर जिला पुलिस पर जनालेवा हमले की यह दूसरी घटना है। इससे पहले सिन्धुगढ़ थाना क्षेत्र में घटना हुई थी। ग्रामीओं ने टीम को घेर लिया जानकारी के अनुसार परैया पुलिस अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पहुंची थी। टीम ने एक बालू लदे ट्रैक्टर को जब्त किया। चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस खुद ट्रैक्टर लेकर थाने लौट रही थी। इस दौरान बैकटपुर चौराहा के पास अचानक 60 से 70 की संख्या में लोग जुट गए। टीम को घेर लिया गया। ट्रैक्टर की चाबी जबरन निकाल ली गई। हमला पूरी तैयारी के साथ किया गया था। मारपीट की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। रात करीब 3 बजे तक गांव में छापेमारी चली। इस दौरान 6 लोगों को हिरासत में लिया गया। एएसपी मनोज कुमार ने बताया कि सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। लाठी-डंडा लेकर पहुंचे ग्रामीण सूत्रों के मुताबिक पहले एक दिव्यांग ने ट्रैक्टर रुकवाया। वह चाबी लेने की कोशिश करने लगा। इसी बीच पास में चल रहे एक समारोह से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई। लाठी-डंडों से पुलिस की गाड़ी पर हमला कर, उसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि परैया क्षेत्र के कुछ पंचायत पहले से नक्सल प्रभावित रहे हैं। बैकटपुर और आसपास के गांवों में बड़ी संख्या में युवक बालू खनन से जुड़े हैं। कई घरों में ट्रैक्टर है। यहां शिक्षा का स्तर भी कमजोर है। यही वजह है कि मामूली बात पर भी हालात तेजी से बिगड़ जाते हैं। फिलहाल इलाके में पुलिस कैंप कर रही है। गयाजी में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर उग्र लोगों ने हमला कर दिया। बालू लोडेड ट्रैक्टर का छुड़ा लिया। इस दौरान पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई है। कुछ पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें भी आई हैं। मौके से 6 लोगों को हिरासत में लिया गया है। कार्रवाई के डर से गांव से बड़ी संख्या में लोग फरार हो गए हैं। कई घरों में ताला लटका पड़ा है। घटना परैया प्रखंड के बैकटपुर की है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि शनिवार देर रात टीम पहुंची थी। इस दौरान पुलिसकर्मियों की पिटाई की गई है। परैया थानाध्यक्ष सुनीता कुमारी के साथ भी अभद्रता की बात सामने आ रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। खास बात यह कि एक सप्ताह के अंदर जिला पुलिस पर जनालेवा हमले की यह दूसरी घटना है। इससे पहले सिन्धुगढ़ थाना क्षेत्र में घटना हुई थी। ग्रामीओं ने टीम को घेर लिया जानकारी के अनुसार परैया पुलिस अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पहुंची थी। टीम ने एक बालू लदे ट्रैक्टर को जब्त किया। चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस खुद ट्रैक्टर लेकर थाने लौट रही थी। इस दौरान बैकटपुर चौराहा के पास अचानक 60 से 70 की संख्या में लोग जुट गए। टीम को घेर लिया गया। ट्रैक्टर की चाबी जबरन निकाल ली गई। हमला पूरी तैयारी के साथ किया गया था। मारपीट की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। रात करीब 3 बजे तक गांव में छापेमारी चली। इस दौरान 6 लोगों को हिरासत में लिया गया। एएसपी मनोज कुमार ने बताया कि सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। लाठी-डंडा लेकर पहुंचे ग्रामीण सूत्रों के मुताबिक पहले एक दिव्यांग ने ट्रैक्टर रुकवाया। वह चाबी लेने की कोशिश करने लगा। इसी बीच पास में चल रहे एक समारोह से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई। लाठी-डंडों से पुलिस की गाड़ी पर हमला कर, उसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि परैया क्षेत्र के कुछ पंचायत पहले से नक्सल प्रभावित रहे हैं। बैकटपुर और आसपास के गांवों में बड़ी संख्या में युवक बालू खनन से जुड़े हैं। कई घरों में ट्रैक्टर है। यहां शिक्षा का स्तर भी कमजोर है। यही वजह है कि मामूली बात पर भी हालात तेजी से बिगड़ जाते हैं। फिलहाल इलाके में पुलिस कैंप कर रही है।  

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