भारतीय निशानेबाजी टीम में समय सीमा से 48 घंटे पहले हुआ बदलाव ‘मास्टर स्ट्रोक’ साबित हुआ जब केदारलिंग उचागांवे के खराब फॉर्म के कारण 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में उतारे गए कमलजीत ने सुरूचि इंदर सिंह के साथ स्वर्ण पदक जीतकर एशियाई खेलों की निशानेबाजी रेंज पर पीले तमगे के लिये इंतजार खत्म किया। इस जोड़ी ने 484 . 6 अंक लेकर कोरिया को हराया और इन एशियाई खेलों में भारत को निशानेबाजी का पहला स्वर्ण दिलाया। भारतीय टीम में बदलाव की समय सीमा समाप्त होने से ठीक पहले यह फैसला किया गया था कि केदारलिंग की जगह सुरूचि के साथ कमलजीत उतरेंगे।सेना निशानेबाजी इकाई के केदारलिंग ने घरेलू ट्रायल और राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में अच्छे प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई थी लेकिन चयन के बाद उनका फॉर्म खराब होने से चयनकर्ताओं को पुनर्विचार करना पड़ा। एक सीनियर कोच ने पीटीआई को बताया कि केदारलिंग के खराब फॉर्म के कारण बदलाव का फैसला एनआरएआई चयन समिति, अध्यक्ष , महासचिव और भारतीय खेल प्राधिकरण से सहमति के बाद लिया गया। यह स्वर्ण ऐसे समय में मिला जब दो ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और ऐशा सिंह समेत भारतीय निशानेबाज अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके।इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजतकेदारलिंग पुरूषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 35वें स्थान पर रहे।
भारतीय निशानेबाजी टीम में समय सीमा से 48 घंटे पहले हुआ बदलाव ‘मास्टर स्ट्रोक’ साबित हुआ जब केदारलिंग उचागांवे के खराब फॉर्म के कारण 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में उतारे गए कमलजीत ने सुरूचि इंदर सिंह के साथ स्वर्ण पदक जीतकर एशियाई खेलों की निशानेबाजी रेंज पर पीले तमगे के लिये इंतजार खत्म किया। इस जोड़ी ने 484 . 6 अंक लेकर कोरिया को हराया और इन एशियाई खेलों में भारत को निशानेबाजी का पहला स्वर्ण दिलाया। भारतीय टीम में बदलाव की समय सीमा समाप्त होने से ठीक पहले यह फैसला किया गया था कि केदारलिंग की जगह सुरूचि के साथ कमलजीत उतरेंगे।
सेना निशानेबाजी इकाई के केदारलिंग ने घरेलू ट्रायल और राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में अच्छे प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई थी लेकिन चयन के बाद उनका फॉर्म खराब होने से चयनकर्ताओं को पुनर्विचार करना पड़ा। एक सीनियर कोच ने पीटीआई को बताया कि केदारलिंग के खराब फॉर्म के कारण बदलाव का फैसला एनआरएआई चयन समिति, अध्यक्ष , महासचिव और भारतीय खेल प्राधिकरण से सहमति के बाद लिया गया। यह स्वर्ण ऐसे समय में मिला जब दो ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और ऐशा सिंह समेत भारतीय निशानेबाज अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके।
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केदारलिंग पुरूषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 35वें स्थान पर रहे।
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