French Open में हार के बाद टूटीं Aryna Sabalenka, बोलीं- ‘Tennis छोड़ने का मन कर रहा है’

French Open में हार के बाद टूटीं Aryna Sabalenka, बोलीं- ‘Tennis छोड़ने का मन कर रहा है’

पेरिस में चल रहे फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। महिला एकल वर्ग की शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी आर्यना सबालेंका का खिताब जीतने का सपना क्वार्टर फाइनल में ही समाप्त हो गया। विश्व नंबर एक मानी जाने वाली सबालेंका मुकाबले में पूरी तरह नियंत्रण में नजर आ रही थीं, लेकिन रूसी खिलाड़ी डायना श्नाइडर ने शानदार वापसी करते हुए मैच का रुख बदल दिया और पहली बार ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल में जगह बना ली।मौजूद जानकारी के अनुसार बेलारूस की स्टार खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की थी। उन्होंने पहला सेट 6-3 से अपने नाम किया और दूसरे सेट में भी 4-1 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली थी। इतना ही नहीं, वह मैच जीतने से केवल दो अंक दूर थीं। लेकिन इसके बाद मुकाबले का पूरा रंग बदल गया और डायना श्नाइडर ने लगातार शानदार खेल दिखाते हुए वापसी कर ली।गौरतलब है कि 22 वर्षीय डायना श्नाइडर ने दबाव की स्थिति में भी धैर्य नहीं खोया और लगातार अंक जुटाते हुए मुकाबला 3-6, 7-5, 6-0 से अपने नाम कर लिया। मैच के अंतिम चरण में सबालेंका की लय पूरी तरह टूट गई और उन्होंने आखिरी 13 खेलों में से 12 गंवा दिए। वहीं श्नाइडर ने अपने आक्रामक खेल और सटीक शॉट्स से दर्शकों को प्रभावित किया।हार के बाद आर्यना सबालेंका काफी भावुक दिखाई दीं। उन्होंने कहा कि इस समय वह टेनिस छोड़ने तक के बारे में सोच रही हैं। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि कुछ दिनों में वह मानसिक रूप से फिर मजबूत होकर वापसी कर सकेंगी। सबालेंका ने यह भी स्वीकार किया कि लगातार गलतियां, दबाव और अधिक सोचने की वजह से उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ है।बता दें कि यह हार पिछले वर्ष के फ्रेंच ओपन फाइनल की याद भी ताजा कर गई, जब सबालेंका ने शुरुआती बढ़त के बावजूद कोको गॉफ के खिलाफ मुकाबला गंवा दिया था। इस बार भी कहानी लगभग वैसी ही रही और निर्णायक क्षणों में वह अपनी बढ़त को जीत में नहीं बदल सकी।दूसरी ओर डायना श्नाइडर ने जीत के बाद कहा कि उन्होंने मैच के दौरान सबालेंका की निराशा को महसूस किया था, लेकिन उनका पूरा ध्यान अपने खेल पर केंद्रित रहा। उन्होंने अंक दर अंक संघर्ष किया और अंततः बड़ी जीत हासिल की।अब सेमीफाइनल में डायना श्नाइडर का सामना माजा ख्वालिंस्का से होगा। माजा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अन्ना कालिंस्काया को हराकर अंतिम चार में जगह बनाई है। गौरतलब है कि माजा ख्वालिंस्का फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पोलैंड की दूसरी महिला खिलाड़ी बनी हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि इगा स्वियातेक ने हासिल की थी।इस वर्ष का फ्रेंच ओपन कई बड़े उलटफेरों के लिए याद किया जाएगा। महिला वर्ग में कोको गॉफ, इगा स्वियातेक और आर्यना सबालेंका जैसे बड़े नाम बाहर हो चुके हैं। वहीं पुरुष वर्ग में यानिक सिनर और नोवाक जोकोविच भी खिताब की दौड़ से बाहर हो गए।मौजूद जानकारी के अनुसार वर्ष 1977 के फ्रेंच ओपन के बाद यह पहला अवसर है जब किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के पुरुष और महिला दोनों वर्गों के सेमीफाइनल में कोई पूर्व चैंपियन मौजूद नहीं है। ऐसे में इस बार टेनिस जगत को एक नया ग्रैंड स्लैम विजेता मिलने की पूरी संभावना दिखाई दे रही हैं। 

पेरिस में चल रहे फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। महिला एकल वर्ग की शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी आर्यना सबालेंका का खिताब जीतने का सपना क्वार्टर फाइनल में ही समाप्त हो गया। विश्व नंबर एक मानी जाने वाली सबालेंका मुकाबले में पूरी तरह नियंत्रण में नजर आ रही थीं, लेकिन रूसी खिलाड़ी डायना श्नाइडर ने शानदार वापसी करते हुए मैच का रुख बदल दिया और पहली बार ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल में जगह बना ली।
मौजूद जानकारी के अनुसार बेलारूस की स्टार खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की थी। उन्होंने पहला सेट 6-3 से अपने नाम किया और दूसरे सेट में भी 4-1 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली थी। इतना ही नहीं, वह मैच जीतने से केवल दो अंक दूर थीं। लेकिन इसके बाद मुकाबले का पूरा रंग बदल गया और डायना श्नाइडर ने लगातार शानदार खेल दिखाते हुए वापसी कर ली।
गौरतलब है कि 22 वर्षीय डायना श्नाइडर ने दबाव की स्थिति में भी धैर्य नहीं खोया और लगातार अंक जुटाते हुए मुकाबला 3-6, 7-5, 6-0 से अपने नाम कर लिया। मैच के अंतिम चरण में सबालेंका की लय पूरी तरह टूट गई और उन्होंने आखिरी 13 खेलों में से 12 गंवा दिए। वहीं श्नाइडर ने अपने आक्रामक खेल और सटीक शॉट्स से दर्शकों को प्रभावित किया।
हार के बाद आर्यना सबालेंका काफी भावुक दिखाई दीं। उन्होंने कहा कि इस समय वह टेनिस छोड़ने तक के बारे में सोच रही हैं। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि कुछ दिनों में वह मानसिक रूप से फिर मजबूत होकर वापसी कर सकेंगी। सबालेंका ने यह भी स्वीकार किया कि लगातार गलतियां, दबाव और अधिक सोचने की वजह से उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ है।
बता दें कि यह हार पिछले वर्ष के फ्रेंच ओपन फाइनल की याद भी ताजा कर गई, जब सबालेंका ने शुरुआती बढ़त के बावजूद कोको गॉफ के खिलाफ मुकाबला गंवा दिया था। इस बार भी कहानी लगभग वैसी ही रही और निर्णायक क्षणों में वह अपनी बढ़त को जीत में नहीं बदल सकी।
दूसरी ओर डायना श्नाइडर ने जीत के बाद कहा कि उन्होंने मैच के दौरान सबालेंका की निराशा को महसूस किया था, लेकिन उनका पूरा ध्यान अपने खेल पर केंद्रित रहा। उन्होंने अंक दर अंक संघर्ष किया और अंततः बड़ी जीत हासिल की।
अब सेमीफाइनल में डायना श्नाइडर का सामना माजा ख्वालिंस्का से होगा। माजा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अन्ना कालिंस्काया को हराकर अंतिम चार में जगह बनाई है। गौरतलब है कि माजा ख्वालिंस्का फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पोलैंड की दूसरी महिला खिलाड़ी बनी हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि इगा स्वियातेक ने हासिल की थी।
इस वर्ष का फ्रेंच ओपन कई बड़े उलटफेरों के लिए याद किया जाएगा। महिला वर्ग में कोको गॉफ, इगा स्वियातेक और आर्यना सबालेंका जैसे बड़े नाम बाहर हो चुके हैं। वहीं पुरुष वर्ग में यानिक सिनर और नोवाक जोकोविच भी खिताब की दौड़ से बाहर हो गए।
मौजूद जानकारी के अनुसार वर्ष 1977 के फ्रेंच ओपन के बाद यह पहला अवसर है जब किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के पुरुष और महिला दोनों वर्गों के सेमीफाइनल में कोई पूर्व चैंपियन मौजूद नहीं है। ऐसे में इस बार टेनिस जगत को एक नया ग्रैंड स्लैम विजेता मिलने की पूरी संभावना दिखाई दे रही हैं।

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