Darbhanga woman death case: बिहार के दरभंगा में 30 साल की अंजली देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का एक मामला सामने आया है। इस घटना के बाद मृतका के ससुराल वाले सबूत मिटाने के इरादे से चुपके से श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर रहे थे। लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जलती चिता से अधजले शव को कब्जे में ले लिए है।
Darbhanga woman death case: बिहार के दरभंगा जिले के कुशेश्वर स्थान पूर्वी ब्लॉक के तिलकेश्वर थाना क्षेत्र में स्थित एक श्मशान घाट पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस की एक टीम ने अचानक जलती चिता पर पानी डालकर उसे बुझा दिया। यह मामला 30 साल की एक विवाहित महिला की संदिग्ध मौत से जुड़ा है। आरोप है कि उसके ससुराल वाले कानूनी कार्रवाई से बचने और संभावित हत्या के सबूत मिटाने की कोशिश में जल्दबाजी और गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार कर रहे थे। पुलिस ने जलती चिता से महिला के अधजले शव को अपने कब्जे में ले लिए हैं।
चोरी-छिपे अंतिम संस्कार, ऐन वक्त पर पहुंची पुलिस
मृतका की पहचान 30 वर्षीय अंजली देवी के रूप में हुई है, जो महिशौत निवासी नंदन चौपाल की पत्नी थी। जानकारी के मुताबिक, अंजली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के बाद उसके ससुराल वालों ने न तो उसके मायके वालों को सूचित किया और न ही पुलिस को जानकारी दी। सबूत मिटाने के इरादे से वे चुपके से शव को श्मशान घाट ले गए और अंतिम संस्कार की रस्में शुरू कर दीं।
इसी बीच, गांव के एक व्यक्ति ने तिलकेश्वर थाने की पुलिस को इस स्थिति के बारे में सूचित कर दिया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। उस समय चिता जल रही थी, पुलिस ने बिना कोई समय गंवाए तुरंत चिता पर पानी डलवाकर आग बुझाई और अधजला शव अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस की इस कार्रवाई को देखते हुए श्मशान घाट पर मौजूद ससुराल पक्ष के कई लोग घटनास्थल से फरार हो गए।
मृतका की मां ने बेटी के ससुराल वालों पर लगाया आरोप
इस घटना के बाद मृतका की मां जयमाला देवी शोक में डूबी हुई हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने अपने दामाद और उसके परिवार पर अपनी बेटी की बेरहमी से हत्या करने का आरोप लगाया है। जयमाला देवी ने बताया कि अंजली की शादी को 12 साल हो चुके थे और उसके तीन छोटे बच्चे हैं, दो बेटे और एक बेटी। मां का आरोप है कि उसका दामाद किसी दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध में लिप्त था। जब भी अंजली इस बात का विरोध करती थी, तो उसे बेरहमी से पीटा जाता था।
मृतका की मां का कहना है कि ससुराल वाले उसे छोटी-छोटी बातों पर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे, जिसके कारण अंजलि का जीना मुहाल हो चुका था। मां ने यह भी कहा कि उनकी बेटी कभी सुसाइड नहीं कर सकती, उसे फांसी लगाकर मारा गया है और फिर लाश को जलाने की कोशिश की गई।
ससुराल पहुंचने के 4 दिन बाद ही मौत
ससुराल में लगातार होने वाले झगड़ों और उत्पीड़न से तंग आकर अंजली कुछ समय पहले अपने मायके लौट आई थी और वहीं रह रही थी। चार दिन पहले उसका देवर उसे वापस लेने के लिए उसके मायके आया। लेकिन अंजली बिल्कुल भी वापस नहीं जाना चाहती थी। वह फूट-फूटकर रोई और अपने मायके में ही रहने देने की गुहार लगाई। हालांकि, ससुराल वालों से आश्वासन मिलने के बाद और परिवार के समझाने-बुझाने पर अंजली को भारी मन से उसके ससुराल वापस भेज दिया गया। वहां पहुंचने के 4 दिन बाद ही अंजली के मौत की खबर उसके मायके पहुंची।
जांच के लिए FSL टीम बुलाई गई
पुलिस ने मामले में सबूत जुटाने के लिए मुजफ्फरपुर से फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की विशेष टीम को जांच के लिए बुलाया है। तिलकेश्वर थाना प्रभारी केसरी नंदन कुमार राम ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरा मामला बेहद संदिग्ध प्रतीत होता है। जलती हुई चिता से अधजले शव को बरामद कर लिया गया है और उसे पोस्टमार्टम जांच तथा DNA परीक्षण के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा जाएगा। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच हर एंगल से कर रही है।


