Anil Agarwal का बड़ा दांव: Vedanta के 5 टुकड़े, जानें Demerger के बाद किस शेयर में कितना दम

Anil Agarwal का बड़ा दांव: Vedanta के 5 टुकड़े, जानें Demerger के बाद किस शेयर में कितना दम
शेयर बाजार में गुरुवार को वेदांता के शेयर को लेकर अचानक बड़ी गिरावट की चर्चा शुरू हो गई। पहली नजर में भले ही शेयर करीब 65 प्रतिशत तक गिरता हुआ दिखा, मगर यह गिरावट तकनीकी कारणों से हुई और निवेशकों के पैसे पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार विशेष प्री-ओपन सत्र के दौरान वेदांता का शेयर समायोजन के बाद करीब 289 रुपये के आसपास खुला, जबकि इससे पहले यह 773 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। बता दें कि यह बदलाव कंपनी के बहुप्रतीक्षित डिमर्जर यानी विभाजन के कारण हुआ है, जिसमें कंपनी ने अपने अलग-अलग कारोबार को स्वतंत्र यूनिट में बांट दिया।
गौरतलब है कि अब वेदांता का शेयर ‘एक्स-डिमर्जर’ आधार पर कारोबार कर रहा है, यानी शेयर की कीमत में उन चार नई कंपनियों का मूल्य शामिल नहीं है जो इस प्रक्रिया के तहत अलग की गई हैं। ऐसे मामलों में यह सामान्य प्रक्रिया होती है कि मूल कंपनी के शेयर की कीमत कम दिखती है, लेकिन निवेशकों को नई कंपनियों में हिस्सेदारी मिलती है, जिससे कुल निवेश मूल्य संतुलित बना रहता है।
कंपनी ने इस पुनर्गठन के तहत अपने कारोबार को पांच हिस्सों में बांटने का फैसला किया है, जिसमें एल्युमिनियम, तेल एवं गैस, ऊर्जा, लोहा एवं इस्पात और मूल कंपनी शामिल हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार शेयरधारकों को 1:1 अनुपात में नई कंपनियों के शेयर दिए जाएंगे, यानी जितने शेयर किसी निवेशक के पास पहले थे, उतने ही प्रत्येक नई इकाई में भी मिलेंगे।
बता दें कि इस प्रक्रिया के लिए 1 मई 2026 को रिकॉर्ड तिथि तय की गई है, हालांकि उस दिन बाजार अवकाश के कारण कारोबार बंद रहेगा। इस बीच एक्सचेंजों ने सही मूल्य निर्धारण के लिए विशेष सत्र आयोजित किया, ताकि नए ढांचे के अनुसार शेयर की कीमत तय की जा सके।
गौरतलब है कि डिमर्जर का उद्देश्य अलग-अलग कारोबार को स्वतंत्र पहचान देना, पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों के लिए मूल्य खोलना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे हर कारोबार को उसकी क्षमता के अनुसार मूल्यांकन मिल सकेगा, जिससे लंबे समय में निवेशकों को फायदा हो सकता है।
वहीं कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो वेदांता ने हाल ही में अपने इतिहास का सबसे मजबूत तिमाही और वार्षिक प्रदर्शन दर्ज किया है। मौजूद जानकारी के अनुसार मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 9,352 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले काफी अधिक है। राजस्व और परिचालन लाभ में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली है।
बता दें कि पूरे वित्त वर्ष में भी कंपनी ने आय, लाभ और उत्पादन के स्तर पर रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है, जिससे यह साफ है कि कंपनी की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है। कुल मिलाकर शेयर में दिख रही गिरावट केवल तकनीकी समायोजन का परिणाम है, जबकि निवेशकों का कुल मूल्य बरकरार है और डिमर्जर के जरिए भविष्य में बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *