16 से 18 अप्रैल तक चलने वाला तीन दिवसीय सत्र जारी है। सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक के साथ-साथ संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक और परिसीमन विधेयक लोकसभा में पेश किए हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस पर बहस की शुरुआत की। एनडीए के पास 292 सीटें हैं जबकि विपक्ष के पास 233 सीटें हैं। ऐसे में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता ने संख्या बल को सत्र का केंद्र बना दिया है।
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गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जनगणना का काम शुरू हो चुका है और व्यक्तिगत डेटा संकलन के चरण में जातिगत गणना भी शामिल होगी। उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि सरकार ने जातिगत जनगणना कराने का निर्णय लिया है। विपक्ष की टिप्पणियों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक आधार पर आरक्षण की कोई भी मांग असंवैधानिक है और बहस के दौरान सरकार के रुख का बचाव करते हुए दोहराया कि संविधान धर्म के आधार पर कोटा की अनुमति नहीं देता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केसी वेणुगोपाल विधेयकों के गुण-दोष पर टिप्पणी नहीं कर सकते और वे विधेयकों को पेश करने पर केवल तकनीकी आपत्तियां ही उठा सकते हैं। द्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ और ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ पेश करने का प्रस्ताव रखा। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि महिला आरक्षण कानून में संशोधन, परिसीमन आयोग गठित करने वाला विधेयक ‘संविधान विरोधी’ हैं।
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वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बृहस्पतिवार को अन्य नवनिर्वाचित सदस्यों के साथ राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ली। उच्च सदन की बैठक शुरू होने के बाद सभापति सी पी राधाकृष्णन ने नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई। नितिन नवीन ने हिंदी में शपथ ली। सदन में मौजूद सदस्यों ने मेजें थपथपाकर उनका स्वागत किया। नवीन उच्च सदन में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे। सभापति सी पी राधाकृष्णन ने उन्हें और शपथ लेने वाले अन्य सदस्यों को बधाई दी।


