Donald Trump: ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा फैसला लिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जर्मनी में अपनी सैन्य मौजूदगी को पहले घोषित 5,000 सैनिकों से भी कहीं ज्यादा घटाने जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम सैनिकों की संख्या में काफी बड़ी कटौती करेंगे, 5,000 से भी ज्यादा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका पहले ही जर्मनी से करीब 5,000 सैनिकों को हटाने की तैयारी कर रहा है। यह कदम ऐसे समय पर सामने आया है जब जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों के साथ अमेरिका के रिश्तों में खटास बढ़ती दिख रही है, खासकर ईरान को लेकर सैन्य अभियान पर समर्थन को लेकर।
ट्रंप ने जर्मनी चांसलर पर साधा निशाना
दरअसल, अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि यूरोपीय देश विशेष रूप से जर्मनी, ईरान के खिलाफ चल रही कार्रवाई में पर्याप्त सहयोग नहीं दे रहे हैं। इसी को लेकर ट्रंप ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज पर भी तीखा हमला बोला।
ट्रंप ने मर्ज की आलोचना करते हुए कहा कि वे अपने देश के अंदरूनी मुद्दों पर ध्यान दें। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को परमाणु हथियार से रोकने की कोशिशों में बाधा डालना सही नहीं है।
स्पेन और इटली से भी हटाए जा सकते है सैनिक
इतना ही नहीं, ट्रंप ने इटली और स्पेन से भी अमेरिकी सैनिकों की संभावित वापसी का संकेत दिया है। इस कदम से अमेरिका और उसके पारंपरिक यूरोपीय सहयोगियों के बीच बढ़ती दूरी और साफ नजर आ रही है।
बता दें कि अमेरिका का यह घटनाक्रम बताता है कि ईरान को लेकर वैश्विक रणनीति पर पश्चिमी देशों के बीच मतभेद गहराते जा रहे हैं, जो आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय राजनीति को और प्रभावित कर सकते हैं।
ईरान के प्रस्ताव को लेकर क्या बोले ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध रोकने के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही उस प्लान का रिव्यू करूंगा जो ईरान ने हमें भेजा है, लेकिन सोच भी नहीं सकता कि यह मंजूर होगा क्योंकि उन्होंने पिछले 47 सालों में इंसानियत और दुनिया के साथ जो किया है, उसकी अभी तक कोई बड़ी कीमत नहीं चुकाई है।


