सिखों के इतिहास को गलत बताकर नफरत फैला रही भाजपा:बरेली में बोले सपा राष्ट्रीय सचिव कुलदीप सिंह भुल्लर सिखों और मुस्लिमों के बीच गहरा रिश्ता, 2027 में जनता सिखाएगी सबक

सिखों के इतिहास को गलत बताकर नफरत फैला रही भाजपा:बरेली में बोले सपा राष्ट्रीय सचिव कुलदीप सिंह भुल्लर सिखों और मुस्लिमों के बीच गहरा रिश्ता, 2027 में जनता सिखाएगी सबक

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव कुलदीप सिंह भुल्लर अपनी ‘सामाजिक न्याय यात्रा’ के तहत रविवार को बरेली पहुंचे। सपा कार्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पर सीधा प्रहार किया। भुल्लर ने कहा कि भाजपा सिखों को आधा-अधूरा और गलत इतिहास पढ़ाकर समाज में जहर घोल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिख समाज अब भाजपा की इस ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति को समझ चुका है और आने वाले समय में इसका करारा जवाब देगा। इतिहास की सच्चाई: गनी खान, नबी खान और पीर बुद्धू शाह का जिक्र प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भुल्लर ने ऐतिहासिक तथ्यों को रखते हुए कहा कि भाजपा केवल औरंगजेब और वजीर खान की क्रूरता का जिक्र करती है, ताकि सिखों को मुस्लिमों के खिलाफ खड़ा किया जा सके। उन्होंने याद दिलाया कि जब गुरु गोविंद सिंह के चारों बेटे शहीद हो गए थे और उनके पास शरीर पर आधे कपड़े ही बचे थे, तब गनी खान और नबी खान ने उन्हें ‘उच्च का पीर’ बनाकर 10 लाख की फौज के बीच से सुरक्षित निकाला था। उन्होंने पीर बुद्धू शाह की कुर्बानी का भी जिक्र किया, जिन्होंने गुरु साहब के लिए अपने बेटे और भतीजे कुर्बान कर दिए थे। भुल्लर ने कहा कि भाजपा इन मुस्लिम महापुरुषों के त्याग को क्यों नहीं बताती? जमीनी हक और सिखों के साथ वादाखिलाफी भुल्लर ने उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों, विशेषकर लखीमपुर खीरी और पीलीभीत में सिखों की जमीनों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि 1947 में विभाजन के बाद देश के प्रधानमंत्री और तत्कालीन मुख्यमंत्री के आग्रह पर सिख समाज पंजाब से उत्तर प्रदेश आया था। अपनी मेहनत से बंजर जमीन को उपजाऊ बनाने वाले सिखों से आज मालिकाना हक छीना जा रहा है। सरकार ने कैबिनेट में मालिकाना हक देने का दावा तो किया, लेकिन ‘खोदा पहाड़ निकली चुहिया’ वाली बात साबित हुई। सिखों की 50 एकड़ जमीन छीन ली गई है और हजारों एकड़ पर आज भी तलवार लटकी हुई है। धार्मिक स्थलों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की अनदेखी भुल्लर ने हरिद्वार स्थित ‘ज्ञान गोदरी गुरुद्वारा’ साहिब का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 1984 में जलाए गए इस पवित्र स्थान को उत्तराखंड सरकार आज तक सिखों को वापस नहीं दे रही है, जबकि हाई कोर्ट ने भी इसके पक्ष में आदेश दिया है। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ तो सरकार शहीदी दिवस मनाकर वाहवाही लूटती है, दूसरी तरफ हमारे गुरुओं के स्थान पर कब्जा कर बैठी है। राजनीतिक हिस्सेदारी पर उन्होंने कहा कि सपा सरकार में सिखों को कैबिनेट मंत्री तक बनाया गया, जबकि भाजपा ने केवल एक राज्य मंत्री बनाया है जिनके पास कोई वास्तविक शक्ति नहीं है। महंगाई, चुनाव और PDA का भविष्य प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में उन्होंने बंगाल चुनाव के बाद बढ़ती महंगाई, डीजल-पेट्रोल की कीमतों और खाद की किल्लत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी हार के डर से पंचायत चुनाव टाल रही है। भुल्लर ने दावा किया कि 6 जून को लखनऊ में होने वाला सिख सम्मेलन मील का पत्थर साबित होगा। उत्तर प्रदेश की 50 से अधिक विधानसभा सीटों पर सिख समाज निर्णायक भूमिका में है और 2027 में PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के साथ मिलकर समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना हमारा मुख्य लक्ष्य है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, पूर्व विधायक विजय पाल सिंह और डॉ. अनीस वेग, दीपक शर्मा, अशोक यादव, सहित तमाम कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *