मोतिहारी में अंबेडकर प्रतिमा तोड़ी गई:टावर से गायब मिली मूर्ति, पुल के नीचे बरामद, इलाके में लोगों का आक्रोश

मोतिहारी में अंबेडकर प्रतिमा तोड़ी गई:टावर से गायब मिली मूर्ति, पुल के नीचे बरामद, इलाके में लोगों का आक्रोश

मोतिहारी के ढाका प्रखंड अंतर्गत भंडार महावीर मंदिर चौक पर स्थापित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया। रविवार सुबह प्रतिमा गायब मिलने के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। जानकारी के अनुसार, यह प्रतिमा भंडार चौक से गुजरने वाली एसएच-54 सड़क पर विधायक योजना के तहत बनाए गए एक टावर पर स्थापित थी। इस टावर का निर्माण तत्कालीन विधायक पवन जायसवाल ने अपने ऐच्छिक कोष से कराया था। स्थानीय लोगों ने सुबह जब प्रतिमा को टावर से गायब पाया तो इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर भीड़ जमा हो गई। पुल के नीचे फेंका हुआ पाया गया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के इलाकों में खोजबीन शुरू की। जांच के दौरान प्रतिमा को पास के एक पुल के नीचे फेंका हुआ पाया गया, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। इस घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों की तत्काल पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं इलाके में पहली बार नहीं हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज में अशांति फैलाने के उद्देश्य से पहले भी ऐसी हरकतें की गई हैं। दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी
लोगों ने पिछले वर्ष घोड़ासहन थाना क्षेत्र के कस्बा लौखान पकड़िया टोला में भी बाबासाहेब की प्रतिमा को उखाड़कर फेंकने की घटना का जिक्र किया, जिसमें पुलिस ने प्रतिमा तो बरामद कर ली थी, लेकिन दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। थाना प्रभारी उत्तम कुमार ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों से प्राप्त आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। मोतिहारी के ढाका प्रखंड अंतर्गत भंडार महावीर मंदिर चौक पर स्थापित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया। रविवार सुबह प्रतिमा गायब मिलने के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। जानकारी के अनुसार, यह प्रतिमा भंडार चौक से गुजरने वाली एसएच-54 सड़क पर विधायक योजना के तहत बनाए गए एक टावर पर स्थापित थी। इस टावर का निर्माण तत्कालीन विधायक पवन जायसवाल ने अपने ऐच्छिक कोष से कराया था। स्थानीय लोगों ने सुबह जब प्रतिमा को टावर से गायब पाया तो इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर भीड़ जमा हो गई। पुल के नीचे फेंका हुआ पाया गया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के इलाकों में खोजबीन शुरू की। जांच के दौरान प्रतिमा को पास के एक पुल के नीचे फेंका हुआ पाया गया, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। इस घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों की तत्काल पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं इलाके में पहली बार नहीं हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज में अशांति फैलाने के उद्देश्य से पहले भी ऐसी हरकतें की गई हैं। दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी
लोगों ने पिछले वर्ष घोड़ासहन थाना क्षेत्र के कस्बा लौखान पकड़िया टोला में भी बाबासाहेब की प्रतिमा को उखाड़कर फेंकने की घटना का जिक्र किया, जिसमें पुलिस ने प्रतिमा तो बरामद कर ली थी, लेकिन दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। थाना प्रभारी उत्तम कुमार ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों से प्राप्त आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है।  

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