साहिबगंज जिले के ओझा टोली निवासी अमन आयुष्कर ने भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा में पूरे देश में 27वां स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। अमन की सफलता से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। अमन ने वर्ष 2009 में संत जेवियर स्कूल से दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद उन्होंने बीपीएस पूर्णिया से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने जाधवपुर विश्वविद्यालय से बीटेक तथा आईआईटी दिल्ली से एमटेक की डिग्री हासिल की। अमन ने वर्ष 2018 में IES परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाले बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन में बतौर इंजीनियर कार्य शुरू किया। नौकरी के दौरान कैलाश मानसरोवर सड़क निर्माण परियोजना में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें विशेष मेडल से भी सम्मानित किया गया था।
साहिबगंज के डीएफओ ने किया मार्गदर्शन
हालांकि, वर्ष 2024 में उन्होंने नौकरी छोड़कर भारतीय वन सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। खास बात यह रही कि उन्होंने साहिबगंज में रहकर ही परीक्षा की तैयारी की। तैयारी के दौरान साहिबगंज के डीएफओ प्रबल गर्ग लगातार उनका मार्गदर्शन करते रहे। परिणाम घोषित होने के बाद अमन के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। अमन के पिता ओम प्रकाश तिवारी पुरानी साहिबगंज में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते हैं। किसान परिवार से आने वाले ओम प्रकाश तिवारी ने शुरू से ही अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया। उनकी माता सुधा तिवारी गृहिणी हैं। मूल रूप से बिहार के कटिहार जिले के मुजवर टाल गांव निवासी ओम प्रकाश तिवारी बाद में साहिबगंज में बस गए। अमन का जन्म और पालन-पोषण साहिबगंज में ही हुआ। उनकी बड़ी बहन कोमल इतिहास विषय में मास्टर डिग्री कर रही हैं, जबकि छोटी बहन आस्था लंदन के कैंब्रिज विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही हैं। साहिबगंज जिले के ओझा टोली निवासी अमन आयुष्कर ने भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा में पूरे देश में 27वां स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। अमन की सफलता से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। अमन ने वर्ष 2009 में संत जेवियर स्कूल से दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद उन्होंने बीपीएस पूर्णिया से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने जाधवपुर विश्वविद्यालय से बीटेक तथा आईआईटी दिल्ली से एमटेक की डिग्री हासिल की। अमन ने वर्ष 2018 में IES परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाले बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन में बतौर इंजीनियर कार्य शुरू किया। नौकरी के दौरान कैलाश मानसरोवर सड़क निर्माण परियोजना में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें विशेष मेडल से भी सम्मानित किया गया था।
साहिबगंज के डीएफओ ने किया मार्गदर्शन
हालांकि, वर्ष 2024 में उन्होंने नौकरी छोड़कर भारतीय वन सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। खास बात यह रही कि उन्होंने साहिबगंज में रहकर ही परीक्षा की तैयारी की। तैयारी के दौरान साहिबगंज के डीएफओ प्रबल गर्ग लगातार उनका मार्गदर्शन करते रहे। परिणाम घोषित होने के बाद अमन के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। अमन के पिता ओम प्रकाश तिवारी पुरानी साहिबगंज में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते हैं। किसान परिवार से आने वाले ओम प्रकाश तिवारी ने शुरू से ही अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया। उनकी माता सुधा तिवारी गृहिणी हैं। मूल रूप से बिहार के कटिहार जिले के मुजवर टाल गांव निवासी ओम प्रकाश तिवारी बाद में साहिबगंज में बस गए। अमन का जन्म और पालन-पोषण साहिबगंज में ही हुआ। उनकी बड़ी बहन कोमल इतिहास विषय में मास्टर डिग्री कर रही हैं, जबकि छोटी बहन आस्था लंदन के कैंब्रिज विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही हैं।


