बक्सर में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने और बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में मंगलवार को ब्रह्मपुर के बगेन में आइसा (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) और आरवाईए (रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर उनके इस्तीफे की मांग की और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन का संचालन आइसा छात्र नेता विवेक कुमार ने किया, जबकि आरवाईए नेता मुकेश कुमार राम ने इसकी अध्यक्षता की। सभा को संबोधित करते हुए आइसा के छात्र नेता पवन कुमार भारती ने कहा कि देश का युवा बढ़ती बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता खत्म हो रही है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। 70 से अधिक कॉम्पिटेटिव एग्जाम का पेपर लीक पवन कुमार भारती ने बताया कि पिछले सात वर्षों में 70 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, जिससे छात्रों और युवाओं में गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है और उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। भारती ने कहा कि लगातार भर्ती घोटालों और परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार के कारण युवाओं का भरोसा टूट रहा है। रोजगार के अवसर हो रहे कम वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि देश में रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों की मेहनत करने वाले छात्रों को बार-बार पेपर लीक की घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे युवाओं में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। आइसा और आरवाईए नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर गंभीर कदम नहीं उठाती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पुतला दहन कार्यक्रम में साहिल, कृष्णा, प्रदीप, सूरज, भरत, समीर, अमित, विकास, पुतुल, राहुल, ब्रजेश, लालू, पंकज, मनीष समेत दर्जनों छात्र-युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे। बक्सर में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने और बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में मंगलवार को ब्रह्मपुर के बगेन में आइसा (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) और आरवाईए (रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर उनके इस्तीफे की मांग की और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन का संचालन आइसा छात्र नेता विवेक कुमार ने किया, जबकि आरवाईए नेता मुकेश कुमार राम ने इसकी अध्यक्षता की। सभा को संबोधित करते हुए आइसा के छात्र नेता पवन कुमार भारती ने कहा कि देश का युवा बढ़ती बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता खत्म हो रही है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। 70 से अधिक कॉम्पिटेटिव एग्जाम का पेपर लीक पवन कुमार भारती ने बताया कि पिछले सात वर्षों में 70 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, जिससे छात्रों और युवाओं में गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है और उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। भारती ने कहा कि लगातार भर्ती घोटालों और परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार के कारण युवाओं का भरोसा टूट रहा है। रोजगार के अवसर हो रहे कम वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि देश में रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों की मेहनत करने वाले छात्रों को बार-बार पेपर लीक की घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे युवाओं में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। आइसा और आरवाईए नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर गंभीर कदम नहीं उठाती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पुतला दहन कार्यक्रम में साहिल, कृष्णा, प्रदीप, सूरज, भरत, समीर, अमित, विकास, पुतुल, राहुल, ब्रजेश, लालू, पंकज, मनीष समेत दर्जनों छात्र-युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।


