बस्ती में नदियों के पुनर्जीवन की मांग को लेकर चल रही भूख हड़ताल सातवें दिन समाप्त हो गई। भाजपा नेता चंद्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ ने प्रशासन से ठोस कार्ययोजना का आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन तोड़ा। सोमवार को चंद्रमणि पाण्डेय अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे और अधिकारियों से सीधी बातचीत की। प्रशासनिक टीम, जिसमें सिंचाई एवं बाढ़ खंड, सीओ सिटी और एसडीएम सदर शामिल थे, ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि, पाण्डेय ने 5 फरवरी को दिए गए मांग पत्र पर अब तक हुई कार्रवाई का स्पष्ट विवरण मांगा। वार्ता के दौरान पाण्डेय ने केंद्रीय जल बोर्ड के पूर्व सर्वे और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि नदियों का जल पहले ही अत्यंत दूषित घोषित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। उनके कड़े रुख के कारण प्रशासन को ठोस निर्णय लेना पड़ा। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के साथ हुई सहमति के अनुसार, मुख्य विकास अधिकारी सभागार में सभी संबंधित विभागों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में नदी सफाई और पुनर्जीवन का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा। प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने, नालों को नदियों में गिरने से रोकने और व्यापक सफाई अभियान चलाने का भी आश्वासन दिया। पाण्डेय ने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी प्रशासन अपने वादे से मुकरा, तो वे मुख्यमंत्री से मिलकर या न्यायालय का सहारा लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। अंततः, एसडीएम सदर ने उन्हें जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। इस दौरान मौके पर सैकड़ों समर्थक मौजूद थे।


