दौसा जिले में गर्मियों की छुट्टियों के दौरान स्कूलों का संचालन करने पर शिक्षा विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीईओ (माध्यमिक) अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि जिले के विद्यालयों में 17 मई से ग्रीष्मावकाश प्रभावी है। इसके बावजूद हर वर्ष कुछ स्कूलों द्वारा इस अवधि में भी विद्यालय संचालित कर विद्यार्थियों को बुलाने की शिकायतें मिलती हैं, जो विभागीय आदेशों की अवहेलना की श्रेणी में आता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिले के सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं। साथ ही सभी संस्था प्रधानों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि ग्रीष्मावकाश अवधि में किसी भी स्थिति में विद्यालयों का संचालन नहीं किया जाए। इसके बावजूद यदि किसी विद्यालय द्वारा आदेशों की अवहेलना कर ग्रीष्मावकाश के दौरान विद्यालय संचालित किया जाता है तो संबंधित संस्था के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित कर आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संस्था प्रधान की होगी। देवनारायण आवासीय स्कूल में 31 मई तक एडमिशन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित देवनारायण राजकीय बालिका आवासीय विद्यालय अमरपुर (महवा) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर एडमिशन के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई तय की है। प्रधानाचार्य डॉ. शकुन्तला मीना ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया के तहत एमबीसी वर्ग के साथ-साथ विधवा, अनाथ, परित्यक्ता, एसटी, एससी, ओबीसी एवं सामान्य वर्ग की छात्राएं भी आवेदन कर सकती हैं। इच्छुक छात्राएं 31 मई तक आवेदन कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया ई-मित्र केंद्र अथवा एसएसओ पोर्टल के नवीन प्रवेश पोर्टल एसजेएमएस के माध्यम से ऑनलाइन की जा सकती है। SIR कार्यक्रम के लिए जिला हेल्प डेस्क का गठन निर्वाचन आयोग द्वारा 16 राज्यों एवं 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चलाए जा रहे निर्वाचन नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के लिए जिला स्तर पर हेल्प डेस्क का गठन किया गया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले में मतदाताओं को चुनावी सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर पर हेल्प डेस्क का गठन किया गया है। इस पहल का उद्देश्य पात्र नागरिकों, विशेष रूप से दिव्यांगजन, प्रवासी एवं वरिष्ठ मतदाताओं तक सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।


