पूर्णिया के खुश्कीबाग स्थित नागेश्वरबाग मोहल्ले में मकान मालिक की दबंगई का मामला सामने आया है। किराएदारों का आरोप है कि बकाए के 7 हजार रुपये लेने के बावजूद मकान मालिक ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि पूरे परिवार को घर से बाहर कर दिया। इतना ही नहीं सारे सामान सड़क पर फेंक दिए गए। 60 साल की अधेड़ महिला ने जब इसका विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई, धक्का देकर घर से बाहर कर दिया गया। घायल महिला का इलाज जीएमसीएच पूर्णिया में चल रहा है। चूल्हा मरम्मत का काम करता है बेटा पीड़िता की पहचान बनमनखी निवासी सीता देवी के रूप में हुई है। पीड़िता ने बताया कि उनका बेटा संजय साह खुश्कीबाग के नागेश्वरबाग इलाके में किराए के एक टीन शेड वाले कमरे में पत्नी और बच्चों के साथ रहकर गुजारा करता है। संजय साह गैस चूल्हा मरम्मत का काम करते हैं और उसी से परिवार का खर्च चलता है। कमरे का मासिक किराया एक हजार रुपये तय था। आर्थिक तंगी के कारण करीब 9 महीने का किराया बकाया हो गया था। काफी मेहनत के बाद संजय साह ने मकान मालिक सुजीत कुमार को 7 हजार रुपये दिए थे। परिवार को उम्मीद थी कि बाकी रकम बाद में देकर मामला सुलझा लिया जाएगा, लेकिन आरोप है कि रुपये लेने के बावजूद मकान मालिक और उसके परिवार के लोग अचानक कमरे पर पहुंचे और गाली-गलौज शुरू कर दी। घर में रखा सामान बाहर फेंका देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मकान मालिक पक्ष ने घर में रखे सामान को बाहर फेंकना शुरू कर दिया। विरोध करने पर संजय साह और उनके परिवार के साथ मारपीट की गयी। घटना के दौरान आसपास के लोगों की भीड़ जुट गयी, लेकिन परिवार दहशत में रहा। घ टना की सूचना मिलने पर संजय साह की मां सीता देवी बनमनखी से खुश्कीबाग पहुंचीं। उन्होंने जब मकान मालिक से सामान बाहर फेंकने और मारपीट करने का कारण पूछा तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। सीता देवी का आरोप है कि मकान मालिक ने उनका हाथ पकड़कर जोर से धक्का दे दिया, मारपीट की गई, इसमें वे जमीन पर गिर गयीं और उन्हें गंभीर चोट लगी। घटना के बाद परिजन घायल बुजुर्ग महिला को इलाज के लिए जीएमसीएच पूर्णिया लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है। अस्पताल में भर्ती महिला दर्द से कराहती रही, जबकि परिवार के अन्य सदस्य डरे-सहमे नजर आए। अमानवीय व्यवहार करने का लगाया आरोप पीड़ित परिवार का कहना है कि वे बेहद गरीब हैं और मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह जीवन चला रहे हैं। किराया देने के बावजूद जबरन घर खाली कराया गया और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। फिलहाल परिवार पहले घायल महिला का इलाज कराने में जुटा है। पीड़िता की ओर से स्थानीय थाना में लिखित शिकायत दी जा रही है। पूर्णिया के खुश्कीबाग स्थित नागेश्वरबाग मोहल्ले में मकान मालिक की दबंगई का मामला सामने आया है। किराएदारों का आरोप है कि बकाए के 7 हजार रुपये लेने के बावजूद मकान मालिक ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि पूरे परिवार को घर से बाहर कर दिया। इतना ही नहीं सारे सामान सड़क पर फेंक दिए गए। 60 साल की अधेड़ महिला ने जब इसका विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई, धक्का देकर घर से बाहर कर दिया गया। घायल महिला का इलाज जीएमसीएच पूर्णिया में चल रहा है। चूल्हा मरम्मत का काम करता है बेटा पीड़िता की पहचान बनमनखी निवासी सीता देवी के रूप में हुई है। पीड़िता ने बताया कि उनका बेटा संजय साह खुश्कीबाग के नागेश्वरबाग इलाके में किराए के एक टीन शेड वाले कमरे में पत्नी और बच्चों के साथ रहकर गुजारा करता है। संजय साह गैस चूल्हा मरम्मत का काम करते हैं और उसी से परिवार का खर्च चलता है। कमरे का मासिक किराया एक हजार रुपये तय था। आर्थिक तंगी के कारण करीब 9 महीने का किराया बकाया हो गया था। काफी मेहनत के बाद संजय साह ने मकान मालिक सुजीत कुमार को 7 हजार रुपये दिए थे। परिवार को उम्मीद थी कि बाकी रकम बाद में देकर मामला सुलझा लिया जाएगा, लेकिन आरोप है कि रुपये लेने के बावजूद मकान मालिक और उसके परिवार के लोग अचानक कमरे पर पहुंचे और गाली-गलौज शुरू कर दी। घर में रखा सामान बाहर फेंका देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मकान मालिक पक्ष ने घर में रखे सामान को बाहर फेंकना शुरू कर दिया। विरोध करने पर संजय साह और उनके परिवार के साथ मारपीट की गयी। घटना के दौरान आसपास के लोगों की भीड़ जुट गयी, लेकिन परिवार दहशत में रहा। घ टना की सूचना मिलने पर संजय साह की मां सीता देवी बनमनखी से खुश्कीबाग पहुंचीं। उन्होंने जब मकान मालिक से सामान बाहर फेंकने और मारपीट करने का कारण पूछा तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। सीता देवी का आरोप है कि मकान मालिक ने उनका हाथ पकड़कर जोर से धक्का दे दिया, मारपीट की गई, इसमें वे जमीन पर गिर गयीं और उन्हें गंभीर चोट लगी। घटना के बाद परिजन घायल बुजुर्ग महिला को इलाज के लिए जीएमसीएच पूर्णिया लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है। अस्पताल में भर्ती महिला दर्द से कराहती रही, जबकि परिवार के अन्य सदस्य डरे-सहमे नजर आए। अमानवीय व्यवहार करने का लगाया आरोप पीड़ित परिवार का कहना है कि वे बेहद गरीब हैं और मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह जीवन चला रहे हैं। किराया देने के बावजूद जबरन घर खाली कराया गया और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। फिलहाल परिवार पहले घायल महिला का इलाज कराने में जुटा है। पीड़िता की ओर से स्थानीय थाना में लिखित शिकायत दी जा रही है।


