अजमेर के मित्तल हॉस्पिटल की गायनिक डॉक्टर व सर्जरी करने वाली टीम पर इलाज में लापरवाही व सर्जिकल इंजरी कर जान को जोखिम में डालने का आरोप लगाया है। पीड़िता के पति की ओर से पेश किए गए कोर्ट इस्तगासे के आधार पर हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना प्रभारी महावीर प्रसाद शर्मा ने बताया-बालूपुरा रोड आदर्श नगर अजमेर निवासी आरती भटनागर के पति प्रियदर्शी भटनागर की रिपोर्ट पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अदिति सिंह राव, घिसी बाई मेमोरियल मितल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर अजमेर के स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच एएसआई जगमाल को सौंपी गई है। वहीं इस मामले में डॉ. अदिती राव का कहना है कि इलाज में लापरवाही के आरोप निराधार हैं। रोगी को सामान्य चिकित्सीय स्थिति में छुट्टी दी गई। 7 दिन बाद व 21 दिन बाद रिव्यू के लिए मरीज ओपीडी में आई और कभी कोई ऐसी शिकायत नहीं बताई गई। इसके बाद भी रोगी या परिजन कभी कोई शिकायत लेकर नहीं आया। ये लगाए आरोप शिकायतकर्ता प्रियदर्शी भटनागर ने कोर्ट में पेश इस्तगासे में बताया कि उसकी पत्नी को गायनिक समस्या के उपचार के लिए घिसीबाई मेमोरियल मित्तल हास्पीटल एण्ड रिसर्च सेन्टर अजमेर ले जाया गया। जहां डॉ. अदिति सिंह राव के पास भेजा गया। डॉक्टर राव ने बताया कि पीडिता की बच्चेदानी गर्भाशय में गांठें है तथा उसका एकमात्र उपचार दूरबीन विधि लेप्रोस्कोपिक शल्य चिकित्सा द्वारा यूट्रेस रिमूवल सर्जरी से गर्भाशय हटाने से ही संभव है। इन पर विश्वास कर मित्तल हास्पीटल अजमेर में ईलाज के लिए भर्ती किया गया तथा 19 जनवरी 2026 को स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ अदिति सिंह राव व टीम की ओर से ऑपरेशन किया गया। आरोपी डॉक्टर ने घोर आपराधिक लापरवाही असावधानी एवं अपेक्षित चिकित्सीय कौशल के अभाव से कार्य करते हुए पीड़िता के गंभीर सर्जिकल इंजरी कर दी। जिसकी जानकारी होने के बावजूद परिजन से छुपाई। आरोपियों ने सामूहिक रूप से गुमराह करके पीड़िता को अस्थिर और असामान्य स्थिति में ही डिस्चार्ज कर दिया। आरोपी डॉक्टर के द्वारा पीड़िता की सर्जरी में की गई लापरवाही को जानकार और पहचान होने के बावजूद भी छिपाते हुए आपराधिक मानसिकता से केवल औपचारिक दवाईया लिख टालमटोल किया। पीड़िता को राहत देने के लिए कोई आपात उपचार नही दिया गया।पीड़िता की जान को संकट में डाल उसे तत्काल इलाज से वंचित रखा। बाद में पीडिता लगातार तबीयत बिगड़ी। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जयपुर में कई विशेषज्ञ डॉक्टर्स को उपचार के लिए दिखाया गया तथा जांच कराई। जयपुर में डॉक्टर्स को दिखाया और जांचो से यह स्पष्ट रूप से पता चला कि पूर्व सर्जरी शल्य चिकित्सा के दौरान गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई। जो चिकित्सा विज्ञान के अनुसार स्वतः उत्पन्न नहीं होती, बल्कि केवल उसी स्थिति में उत्पन्न होती है, जब सर्जरी शल्य चिकित्सा के दौरान प्रत्यक्ष क्षति पहुंचाई जाती है। इसके बाद जटिल शल्य चिकित्सा सर्जरी करानी पड़ी। अजमेर में की गई गंभीर जानलेवा लापरवाही व सामूहिक आपराधिक षड्यंत्र को सिद्ध करता है। अत: मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए। ………. पढें ये खबर भी… CBSE- 12वीं स्टूडेंट्स को राहत, अंतिम तिथि कल तक बढ़ाई:मार्क्स वेरिफिकेशन-पुनर्मूल्यांकन करा सकेंगे; पोर्टल पर साइबर हमला की दी शिकायत केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 12वीं परीक्षा 2026 के स्टूडेंट्स को राहत देते हुए आंसर बुक के वेरिफिकेशन और सवालों के पुनर्मूल्यांकन आवेदन की अंतिम तिथि अब 6 जून के बजाय 7 जून मध्य रात्रि तक बढ़ा दी है। पूरी खबर पढें


