रिटायर्ड ब्रिगेडियर के घर के बाहर जाम छलका रहे थे रईस, टोकने पर पूरे परिवार से की बदसलूकी; 2 गिरफ्तार

रिटायर्ड ब्रिगेडियर के घर के बाहर जाम छलका रहे थे रईस, टोकने पर पूरे परिवार से की बदसलूकी; 2 गिरफ्तार

Delhi News: राजधानी दिल्ली के वसंत एन्क्लेव इलाके में कानून को ठेंगे पर रखने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक रिटायर्ड आर्मी ब्रिगेडियर और उनके बेटे के साथ सिर्फ इसलिए बेरहमी से मारपीट की गई क्योंकि उन्होंने अपने घर के बाहर मर्सिडीज कार में बैठकर शराब पी रहे लोगों को टोका था। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी लग्जरी कार जब्त कर ली है।

डीसीपी (दक्षिण-पश्चिम) अमित गोयल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 49 वर्षीय सतेंद्र चौधरी और 56 वर्षीय संजय शर्मा शामिल हैं। आरोपी सतेंद्र चौधरी एक एविएशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डायरेक्टर है, जो चार्टर्ड विमानों और कार्गो ऑपरेशन का बड़ा कारोबार संभालता है। वहीं, दूसरा आरोपी संजय शर्मा मेहरम नगर में ‘पंडित जी ढाबा’ चलाता है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल मर्सिडीज-बेंज को भी कब्जे में ले लिया है।

क्या है पूरी घटना?

रिटायर्ड ब्रिगेडियर परमिंदर सिंह अरोड़ा (53) के मुताबिक, सोमवार रात करीब 10 बजे वह अपने 23 वर्षीय बेटे तेजस अरोड़ा के साथ टहलने निकले थे। उन्होंने देखा कि उनके घर के बाहर खड़ी एक मर्सिडीज में दो अनजान लोग शराब पी रहे हैं। ब्रिगेडियर ने जब उन्हें सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने से मना किया, तो आरोपी बहस करने लगे। कुछ ही देर में आरोपियों ने अपने 7-8 साथियों को बुला लिया और ब्रिगेडियर के बेटे पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई ब्रिगेडियर की पत्नी के साथ भी अभद्रता और बदसलूकी की गई।

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

ब्रिगेडियर अरोड़ा ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली और मौके पर मौजूद कर्मियों की संवेदनशीलता पर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि जब विवाद ने तूल पकड़ना शुरू किया, तो उन्होंने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया था। सूचना मिलने के बाद जूनियर रैंक का एक पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचा भी, लेकिन उसने कानून का राज स्थापित करने के बजाय बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया। आरोप है कि उस पुलिसकर्मी ने दबंगों को रोकने की ज़हमत तक नहीं उठाई और असहाय होकर यह कह दिया कि ‘वह इस मामले में कुछ नहीं कर सकता।’

पीड़ित परिवार का दावा है कि उस वर्दीधारी की मौजूदगी में ही हमलावर उनके और उनके बेटे के साथ मारपीट करते रहे और वह शख्स एक मूकदर्शक बना सब तमाशा देखता रहा। इतना ही नहीं, ब्रिगेडियर का कहना है कि इस खौफनाक वारदात के बाद जब वे शिकायत लेकर वसंत विहार थाने पहुंचे, तो वहां भी उन्हें घंटों इंतजार कराया गया और मामले में तुरंत कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की इस ढुलमुल कार्यशैली ने अब स्थानीय सुरक्षा और प्रशासन की साख को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

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