देवघर के कुंडा थाना क्षेत्र स्थित चरकी पहाड़ी रिमांड होम में 19 वर्षीय श्रावणी कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शनिवार देर शाम अचानक तबीयत बिगड़ने पर रिमांड होम के कर्मचारियों ने उसे आनन-फानन में देवघर सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में ऑन ड्यूटी चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन कुछ ही मिनटों के भीतर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। प्रशासन हरकत में, डीसी ने ली जानकारी युवती की मौत की सूचना मिलते ही रिमांड होम प्रशासन ने जिला प्रशासन को अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए देर रात उपायुक्त स्वयं सदर अस्पताल पहुंचे और अधिकारियों व चिकित्सकों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। प्रशासन ने प्रारंभिक स्तर पर ही मामले को गंभीर मानते हुए हर पहलू की जांच के निर्देश दिए हैं। इस दौरान अस्पताल और रिमांड होम दोनों जगह अधिकारियों की सक्रियता बढ़ गई। मेडिकल बोर्ड से कराया गया पोस्टमॉर्टम मृत्यु के कारणों को स्पष्ट करने के लिए उपायुक्त के निर्देश पर सिविल सर्जन द्वारा एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। मेडिकल बोर्ड की मौजूदगी में पूरे प्रक्रिया को ऑन कैमरा रिकॉर्ड करते हुए शव का पंचनामा किया गया और पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव को 72 घंटे तक सुरक्षित रखने के लिए पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर आगे की जांच की जा सके। संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, जांच जारी फिलहाल युवती की मौत के वास्तविक कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हो पाया है। सूत्रों के अनुसार मामला संदिग्ध परिस्थितियों से जुड़ा हो सकता है, जिसके मद्देनजर प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ जांच कर रहा है। पुलिस भी मामले की गहराई से जांच में जुटी है। रिमांड होम की व्यवस्था व सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। देवघर के कुंडा थाना क्षेत्र स्थित चरकी पहाड़ी रिमांड होम में 19 वर्षीय श्रावणी कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शनिवार देर शाम अचानक तबीयत बिगड़ने पर रिमांड होम के कर्मचारियों ने उसे आनन-फानन में देवघर सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में ऑन ड्यूटी चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन कुछ ही मिनटों के भीतर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। प्रशासन हरकत में, डीसी ने ली जानकारी युवती की मौत की सूचना मिलते ही रिमांड होम प्रशासन ने जिला प्रशासन को अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए देर रात उपायुक्त स्वयं सदर अस्पताल पहुंचे और अधिकारियों व चिकित्सकों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। प्रशासन ने प्रारंभिक स्तर पर ही मामले को गंभीर मानते हुए हर पहलू की जांच के निर्देश दिए हैं। इस दौरान अस्पताल और रिमांड होम दोनों जगह अधिकारियों की सक्रियता बढ़ गई। मेडिकल बोर्ड से कराया गया पोस्टमॉर्टम मृत्यु के कारणों को स्पष्ट करने के लिए उपायुक्त के निर्देश पर सिविल सर्जन द्वारा एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। मेडिकल बोर्ड की मौजूदगी में पूरे प्रक्रिया को ऑन कैमरा रिकॉर्ड करते हुए शव का पंचनामा किया गया और पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव को 72 घंटे तक सुरक्षित रखने के लिए पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर आगे की जांच की जा सके। संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, जांच जारी फिलहाल युवती की मौत के वास्तविक कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हो पाया है। सूत्रों के अनुसार मामला संदिग्ध परिस्थितियों से जुड़ा हो सकता है, जिसके मद्देनजर प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ जांच कर रहा है। पुलिस भी मामले की गहराई से जांच में जुटी है। रिमांड होम की व्यवस्था व सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।


