Dia Mirza Controversy: अभिनेत्री दीया मिर्जा के प्रदूषण मुक्त दिवाली अभियान वाले वीडियो को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और बढ़ गया है। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम की आपत्ति के बाद बीएमसी ने दीया मिर्जा का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया था। अब मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने भी अभिनेत्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दीया मिर्जा को हिंदुत्व विरोधी बताते हुए कहा कि उन्हें बीएमसी के किसी भी आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल नहीं किया जाएगा। मेयर ने यहां तक कहा कि हिंदुत्व का विरोध करने वाले किसी भी व्यक्ति को बीएमसी के आधिकारिक पोर्टल पर जगह नहीं दी जाएगी।
भाजपा नेता रितु तावड़े के इस बयान के बाद मुंबई में राजनीतिक विवाद गहरा गया है। उन्होंने दीया मिर्जा के पुराने बयानों और उनके कथित राजनीतिक रुख का हवाला देते हुए कहा कि अभिनेत्री लगातार हिंदुत्व के खिलाफ बोलती रही हैं। इसलिए उन्हें दिवाली मनाने का तरीका सिखाने की जरूरत नहीं है।
‘दीया मिर्जा से दिवाली मनाने के सबक लेने की जरूरत नहीं’
दीया मिर्जा के वीडियो पर विवाद को लेकर मीडिया से बातचीत में मेयर रितु तावड़े ने कहा कि अगर अभिनेत्री की पूरी प्रोफाइल देखी जाए तो उन्होंने नर्मदा परियोजना और समान नागरिक संहिता (UCC) का विरोध किया है। उन्होंने पर्यावरण संकट से निपटने के प्रयासों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों पर भी आपत्ति जताई है।
तावड़े ने आरोप लगाया कि दीया मिर्जा का विरोध लगातार हिंदुत्व के खिलाफ रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को दिवाली कैसे मनानी चाहिए, यह बताने के लिए दीया मिर्जा की जरूरत नहीं है। हमें अपनी परंपराओं और संस्कृति की अच्छी समझ है।
उन्होंने अभिनेत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने चुनिंदा एजेंडे पर ध्यान देना चाहिए। मेयर के मुताबिक, दीया मिर्जा का रुख हिंदुत्व विरोधी रहा है और इसी वजह से उनके वीडियो का विरोध किया गया।
‘बीएमसी के किसी भी कार्यक्रम में नहीं मिलेगी जगह’
मेयर रितु तावड़े ने दीया मिर्जा को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्हें बीएमसी के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं, उनका वीडियो भी बीएमसी के आधिकारिक पोर्टल पर नहीं दिखाया जाएगा।
उन्होंने कहा, ”हम उन्हें किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं करेंगे। निश्चित रूप से बीएमसी के आधिकारिक पोर्टल पर भी उन्हें जगह नहीं मिलेगी।”
तावड़े ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्रोल करने वाली अभिनेत्री को बीएमसी के किसी अन्य कार्यक्रम में भी शामिल नहीं किया जा सकता। मेयर और भाजपा का प्रतिनिधित्व करने के नाते उनका रुख स्पष्ट है। हिंदुत्व का विरोध करने वाले किसी भी व्यक्ति को बीएमसी के आधिकारिक मंच पर जगह नहीं दी जाएगी।
‘मुंबई सभी धर्मों और समुदायों का शहर, लेकिन हमारा एजेंडा हिंदुत्व’
मेयर ने मुंबई की विविधता का जिक्र करते हुए कहा कि मुंबई ऐसा शहर है, जहां सभी जातियों, धर्मों और संप्रदायों के लोग रहते हैं। वह सभी के लिए काम करती हैं।
हालांकि, उन्होंने साथ ही कहा कि उनका एजेंडा हिंदुत्व पर आधारित है। अगर कोई भी व्यक्ति हिंदुत्व के खिलाफ बोलेगा तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा, फिर चाहे वह किसी भी जाति, धर्म या संप्रदाय से संबंधित क्यों न हो।
अमित साटम की आपत्ति के बाद हटाया गया था दीया मिर्जा का वीडियो
दरअसल, मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए बीएमसी ने दिवाली के अवसर पर पर्यावरण के अनुकूल त्योहार मनाने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया था। इसमें बॉलीवुड और मराठी फिल्म जगत के कलाकारों के साथ क्रिकेटरों को भी शामिल किया गया था।
अभिनेत्री दीया मिर्जा ने भी इस अभियान के तहत एक वीडियो बनाया था, जिसमें उन्होंने लोगों से पटाखे नहीं फोड़ने और वायु एवं ध्वनि प्रदूषण से बचने की अपील की थी।
हालांकि, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने इस वीडियो पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि मुंबईकरों को दिवाली कैसे मनानी चाहिए, इसका पाठ दीया मिर्जा से सीखने की जरूरत नहीं है। इसके कुछ ही समय बाद बीएमसी ने अभिनेत्री का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया।
खास बात यह है कि अभियान में शामिल माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे सहित अन्य हस्तियों के वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद रहे।
दीया मिर्जा ने क्या कहा?
वीडियो हटाए जाने के बाद अभिनेत्री दीया मिर्जा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा था कि उन्होंने यह वीडियो जनजागरूकता के उद्देश्य से बनाया था और इसके लिए कोई पैसा नहीं लिया था।
अभिनेत्री ने कहा था कि वायु प्रदूषण सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। प्रदूषण कम करने की दिशा में किया गया हर प्रयास बेहतर पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने दिवाली को अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और निराशा पर उम्मीद की जीत का त्योहार बताया था।

