छत्तीसगढ़ के धमतरी में बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विधि संकाय के विद्यार्थियों ने छह प्राध्यापकों का कुरूद तबादला रोकने की मांग की है। शुक्रवार को विद्यार्थियों ने नगर निगम पहुंचकर महापौर रामू रोहरा को ज्ञापन सौंपा। कॉलेज के विधि संकाय में बीएएलएलबी पाठ्यक्रम के 240 विद्यार्थी पढ़ते हैं। यहां विधि विषय के सात सहायक प्राध्यापक हैं। इनमें से छह को कुरूद के नवीन महाविद्यालय में अस्थायी रूप से काम संभालने का निर्देश दिया गया है। विद्यार्थियों का कहना है कि कुरूद में विधि पाठ्यक्रम की पढ़ाई अभी पूरी तरह शुरू नहीं हुई है। उनका कहना है कि धमतरी कॉलेज की पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित किए बिना प्राध्यापकों को वहां भेजने से उनकी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी पर असर पड़ेगा। विधि संकाय की छात्राओं नीतू और संजना सिंह और छात्र डाकेश्वर साहू ने कहा कि आगामी परीक्षाओं को देखते हुए यह पढ़ाई का जरूरी समय है। प्राध्यापकों के तबादले से पाठ्यक्रम पूरा करने में परेशानी हो सकती है। विद्यार्थियों के मुताबिक, दीपावली के तुरंत बाद कॉलेज में आंतरिक परीक्षाएं होनी हैं। इसके बाद मुख्य विश्वविद्यालयीन परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। उन्होंने तबादला आदेश निरस्त करने की मांग की। महापौर रामू रोहरा ने कहा कि विद्यार्थियों ने ज्ञापन देकर अपनी परेशानी बताई है। उनके मुताबिक, आगामी 15 नवंबर से परीक्षाएं प्रस्तावित हैं और प्राध्यापकों के कुरूद जाने से पढ़ाई पर असर पड़ेगा। कलेक्टर और प्राचार्य से की चर्चा महापौर ने बताया कि इस मामले में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और पीजी कॉलेज के प्राचार्य से चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। जब तक कोई दूसरी व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक प्राध्यापकों के स्थानांतरण को रोकने का प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में संबंधित मंत्री से भी चर्चा की जाएगी। विद्यार्थियों ने मांग की है कि कुरूद के नए कॉलेज में जरूरी व्यवस्था करने के बाद ही वहां शिक्षकों की पदस्थापना की जाए, ताकि धमतरी पीजी कॉलेज में पढ़ाई प्रभावित न हो।

