फतेहपुर जिले के हसवा कस्बे में शुक्रवार रात रामलीला के मंचन में रावण वध हुआ। श्रीस्वामी चंद दास रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला का यह 226वां वर्ष है। आठवें दिन की लीला देखने आसपास के गांवों से सैकड़ों दर्शक पहुंचे। लीला की शुरुआत विभीषण को लंका से निकाले जाने और प्रभु श्रीराम के हाथों उनके राजतिलक से हुई। इसके बाद नल-नील की मदद से समुद्र पर सेतु बनाया गया। रामेश्वरम में भगवान भोलेनाथ की स्थापना के बाद आरती की गई। मंचन में अंगद संवाद, लक्ष्मण-मेघनाथ का युद्ध और मेघनाथ के लक्ष्मण को मूर्छित करने के प्रसंग दिखाए गए। हनुमान जी संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचाते हैं। इसके बाद कुंभकरण वध और हनुमान जी के हाथों अहिरावण का संहार दिखाया गया। अंत में, लंका के सभी योद्धाओं के मारे जाने के बाद रावण युद्धभूमि में उतरा। विभीषण के बताने पर प्रभु श्रीराम ने रावण की नाभि पर बाण चलाकर उसका वध किया। राम के जयकारों के साथ लीला पूरी हुई। सुरक्षा के लिए थाना प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह समेत पुलिस बल तैनात रहा।

