ऋतिक की फिल्म काबिल के डायरेक्टर संजय गुप्ता का निधन:बाथरूम में गिरे थे, पिछले हफ्ते 57वां जन्मदिन मनाया; संजय दत्त के साथ 9 फिल्में बनाईं

ऋतिक की फिल्म काबिल के डायरेक्टर संजय गुप्ता का निधन:बाथरूम में गिरे थे, पिछले हफ्ते 57वां जन्मदिन मनाया; संजय दत्त के साथ 9 फिल्में बनाईं

कांटें, काबिल, शूटआउट एट लोखंडवाला, मुंबई सागा जैसी बेहतरीन फिल्में डायरेक्ट कर चुके संजय गुप्ता का आज सुबह निधन हो गया है। एक्टर ने 23 अक्टूबर को 57वां जन्मदिन मनाया था। रिपोर्ट के अनुसार, डायरेक्टर 30 अक्टूबर को मुंबई स्थित घर के बाथरूम में गिरे थे, हालांकि इसकी जानकारी आज सुबह मिली।फिलहाल डायरेक्टर की मौत की असल वजह सामने नहीं आई है। आखिरी पोस्ट में दलेर मेहंदी का बचाव किया था संजय गुप्ता सोशल मीडिया पर बेहद एक्टिव थे। उन्होंने X अकाउंट से आखिरी पोस्ट में सिंगर दलेर मेहंदी का मंच पर अपमान होने पर नाराजगी जताते हुए उनका बचाव किया था। उन्होंने लिखा था, ‘मीका सिंह, दलेर पाजी मेरे बड़े भाई जैसे हैं, जिन्हें बहुत प्यार और सम्मान करता हूं। वो म्यूजिक वर्ल्ड के दिग्गज हैं, जिनसे बिना शर्त माफी मांगी जानी चाहिए।’ संजय गुप्ता ने बॉलीवुड में क्राइम, गैंगस्टर ड्रामा, एक्शन और अंडरवर्ल्ड पर आधारित फिल्मों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनकी सबसे चर्चित फिल्मों में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त स्टारर कांटे, ऋतिक रोशन की काबिल, संजय दत्त की जिंदा और जॉन अब्राहम की शूटआउट एट वडाला शामिल हैं। कांटे की रिलीज के बाद 5 हफ्ते आईसीयू में रहे संजय गुप्ता ने अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, कुमार गौरव, मलाइका अरोड़ा और लकी अली स्टारर फिल्म कांटे डायरेक्ट की थी। फिल्म के कुछ हिस्से लॉस एंजिलिस में शूट हुए थे, लेकिन तभी 9/11 हमले के चलते शूटिंग में काफी अड़चन हुई और शेड्यूल बदलना पड़ा। फिल्म 20 दिसंबर 2002 को रिलीज हुई और हिट साबित हुई। फिल्म रिलीज के एक हफ्ते बाद 27 दिसंबर 2002 को संजय गुप्ता का खंडाला से लौटते वक्त कार एक्सीडेंट हुआ। जब उन्हें एडमिट करवाया गया तो डॉक्टर्स ने साफ कहा कि उनके अगले 72 घंटे बेहद क्रिटिकल हैं। तब वह महज 35 साल के थे। डायरेक्टर को 5 हफ्तों तक अस्पताल में भर्ती रखा गया था। संजय गुप्ता सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थे। इसी साल जून में एक पोस्ट कर उन्होंने कांटें की रिलीज के समय हुए एक्सीडेंट का भी जिक्र किया था। संजय गुप्ता को मिली थीं अंडरवर्ल्ड की धमकियां, संजय दत्त ने की मदद कुछ हफ्तों पहले ही संजय गुप्ता ने हुसैन जैदी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें 1992-93 के बीच अंडरवर्ल्ड की धमकियां मिली थीं। इस समय वह बतौर डायरेक्टर पहली फिल्म आतिश बना रहे थे, जिसमें संजय दत्त, करिश्मा कपूर और रवीना टंडन लीड रोल में थे। उन्होंने बताया कि एक सुबह उनके घर पर फोन आया। दूसरी तरफ से व्यक्ति ने खुद को ‘नाना’ बताया। संजय को समझ नहीं आया कि कौन नाना है? बाद में उन्हें पता चला कि फोन छोटा राजन का था। फोन पर उन्हें गालियां दी गईं। उन्होंने तुरंत संजय दत्त को फोन किया और कहा कि उन्हें घर से बाहर निकालने में मदद करें। इसके बाद संजय दत्त ने अपने पिता सुनील दत्त की सरकारी गाड़ी उनके घर भेजी। संजय गुप्ता पीछे के रास्ते से उस गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गए। संजय दत्त के साथ 9 फिल्मों में किया काम संजय गुप्ता और संजय दत्त की जोड़ी ने बॉलीवुड को कई चर्चित फिल्में दीं। दोनों ने पहली बार फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ (1994) में साथ काम किया था, जो बतौर निर्देशक संजय गुप्ता की पहली फिल्म भी थी। इसके बाद दोनों ने ‘खौफ’ (2000), ‘जंग’ (2000), ‘कांटे’ (2002), ‘मुसाफिर’ (2004) और ‘जिंदा’ (2006) जैसी फिल्मों में साथ काम किया। इनमें ‘कांटे’ सबसे ज्यादा चर्चित रही, जिसमें अमिताभ बच्चन, सुनील शेट्टी और महेश मांजरेकर भी नजर आए थे। इसके अलावा संजय गुप्ता ने संजय दत्त के साथ ‘प्लान’ (2004), ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ (2007) और ‘दस कहानियां’ (2007) जैसी फिल्मों में निर्माता और लेखक के तौर पर भी काम किया। संजय दत्त से झगड़ा हुआ तो होटल में काम करने का फैसला किया संजय गुप्ता और संजय दत्त ने साथ में व्हाइट फेदर फिल्म्स नाम की प्रोडक्शन कंपनी बनाई थी। 2007 में फिल्म ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ के दौरान तकनीशियनों के भुगतान को लेकर दोनों में विवाद शुरू हुआ। इसके बाद दोनों के बीच दूरियां बढ़ गईं। संजय दत्त ने 2007 में संजय गुप्ता के साथ अपनी निजी और प्रोफेशनल पार्टनरशिप खत्म कर दी। 2024 में यूट्यूबर सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में संजय गुप्ता ने कहा कि उनके और संजय दत्त के बीच असल में कुछ गलत नहीं हुआ था, बल्कि दोनों के आसपास मौजूद लोगों ने गलतफहमियां पैदा की थीं। गुप्ता के मुताबिक, कुछ लोगों ने फिल्म इंडस्ट्री में यह अफवाह फैला दी थी कि संजय दत्त ने दूसरे लोगों को उनके साथ काम नहीं करने के लिए कहा है। संजय गुप्ता ने साफ किया कि संजय दत्त ने कभी ऐसा नहीं कहा था। इस पूरे घटनाक्रम के कारण वह करीब तीन साल तक बेरोजगार रहे। संजय दत्त से झगड़े की वजह से उन्हें काम मिलना लगभग बंद हो गया था। एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर खंडाला में होटल का काम संभालने के बारे में सोचना शुरू कर दिया था। चार साल तक दोनों ने एक-दूसरे से बात नहीं की। आखिरकार 11 अक्टूबर 2012 को अमिताभ बच्चन की 70वीं बर्थडे पार्टी में दोनों की मुलाकात हुई। संजय गुप्ता उस वक्त जॉन अब्राहम से बात कर रहे थे, तभी संजय दत्त ने उन्हें आवाज दी। दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया और भावुक हो गए। इस तरह सालों पुरानी दोस्ती फिर से बहाल हो गई।

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