सीवान के लकड़ीनबीगंज थाना क्षेत्र के बाला गांव में एक सुनसान मकान से युवक का शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान गोपालगंज जिले के बेल्लोरपुर निवासी स्वर्गीय शंकर गिरी के पुत्र संतोष गिरी के रूप में हुई है। शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बाला गांव में अशोक मांझी का एक मकान सुनसान इलाके में स्थित है। यहां लोगों का आना-जाना भी कम रहता है। इसी मकान के अंदर संतोष गिरी का शव मिला। सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। देखें, मौके से आई तस्वीरें… परिजनों ने हत्या कर शव लटकाने का लगाया आरोप मृतक के परिजनों का आरोप है कि संतोष की हत्या कहीं दूसरी जगह पिटाई कर की गई और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को सुनसान मकान में लाकर फंदे से लटका दिया गया। परिजनों ने घटनास्थल पर मिले गमछे पर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि बरामद गमछा संतोष का नहीं था। इसी आधार पर वे घटना को आत्महत्या मानने से इनकार कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। मजदूरी के लिए घर से निकले थे संतोष परिजनों के मुताबिक, संतोष शराब पीने के आदी थे, लेकिन गुरुवार सुबह रोज की तरह मजदूरी करने के लिए घर से निकले थे। इसके बाद उनके शव मिलने की सूचना मिली। उनकी पत्नी करीब तीन महीने पहले मायके चली गई थी। संतोष अपने पीछे एक छोटा बेटा छोड़ गए हैं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों की जांच लकड़ीनबीगंज थानाध्यक्ष सबिता कुमारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही गश्ती पदाधिकारी को मौके पर भेजा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। परिजनों के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों सहित घटनास्थल से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों का इंतजार कर रही है। संतोष की मौत हत्या है या आत्महत्या, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। सीवान के लकड़ीनबीगंज थाना क्षेत्र के बाला गांव में एक सुनसान मकान से युवक का शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान गोपालगंज जिले के बेल्लोरपुर निवासी स्वर्गीय शंकर गिरी के पुत्र संतोष गिरी के रूप में हुई है। शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बाला गांव में अशोक मांझी का एक मकान सुनसान इलाके में स्थित है। यहां लोगों का आना-जाना भी कम रहता है। इसी मकान के अंदर संतोष गिरी का शव मिला। सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। देखें, मौके से आई तस्वीरें… परिजनों ने हत्या कर शव लटकाने का लगाया आरोप मृतक के परिजनों का आरोप है कि संतोष की हत्या कहीं दूसरी जगह पिटाई कर की गई और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को सुनसान मकान में लाकर फंदे से लटका दिया गया। परिजनों ने घटनास्थल पर मिले गमछे पर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि बरामद गमछा संतोष का नहीं था। इसी आधार पर वे घटना को आत्महत्या मानने से इनकार कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। मजदूरी के लिए घर से निकले थे संतोष परिजनों के मुताबिक, संतोष शराब पीने के आदी थे, लेकिन गुरुवार सुबह रोज की तरह मजदूरी करने के लिए घर से निकले थे। इसके बाद उनके शव मिलने की सूचना मिली। उनकी पत्नी करीब तीन महीने पहले मायके चली गई थी। संतोष अपने पीछे एक छोटा बेटा छोड़ गए हैं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों की जांच लकड़ीनबीगंज थानाध्यक्ष सबिता कुमारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही गश्ती पदाधिकारी को मौके पर भेजा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। परिजनों के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों सहित घटनास्थल से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों का इंतजार कर रही है। संतोष की मौत हत्या है या आत्महत्या, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

