समस्तीपुर में अगले साल 10 जनवरी से शुरू होने वाली जनगणना की तैयारी तेज हो गई है। इसे लेकर शुक्रवार से जिले में अधिकारियों और कर्मियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। जिला स्तरीय पदाधिकारियों, अनुमंडल चार्ज अधिकारियों, प्रखंड और शहरी चार्ज अधिकारियों के साथ उनके तकनीकी सहायकों के प्रशिक्षण के लिए चार बैच बनाए गए हैं। शुक्रवार को पहले बैच के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। ट्रेनिंग कार्यक्रम का शुभारंभ जिला जनगणना अधिकारी सह अपर समाहर्ता (एसी) ब्रजेश कुमार, एसडीएम राकेश कुमार और पटना से आए प्रशिक्षक सुमन सिन्हा व अन्नु गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। पीई मैनुअल का अध्ययन करने का निर्देश जिला जनगणना अधिकारी ब्रजेश कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को उपलब्ध कराए गए पीई मैनुअल का अच्छी तरह अध्ययन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों की ओर से दी जा रही जानकारी को गंभीरता से समझें, ताकि जनगणना के दौरान किसी तरह की गलती न हो। अपर जिला जनगणना अधिकारी अशोक कुमार ने पहले चरण में हुई छोटी-छोटी गलतियों से सीख लेने और उनकी पुनरावृत्ति नहीं करने की बात कही। उन्होंने जनगणना के महत्व और इसकी प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। तकनीकी समस्याओं और गलतियों के समाधान की जानकारी जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी ने जनगणना के काम के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं और उनके समाधान के बारे में बताया। वहीं, समस्तीपुर और दलसिंहसराय के अनुमंडल जनगणना अधिकारियों ने क्षेत्र में काम करते समय होने वाली संभावित गलतियों और उनसे बचने के तरीकों की जानकारी दी। पटना से आईं प्रशिक्षक सुमन सिन्हा और अन्नु गुप्ता ने भी अधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में रोसड़ा, बिथान, हसनपुर और नगर परिषद रोसड़ा के जनगणना चार्ज अधिकारी, नगर पंचायत सिंघिया के अधिकारी, अपर चार्ज अधिकारी, तकनीकी सहायक और लिपिक शामिल हुए। 10 से 24 जनवरी तक लोग खुद कर सकेंगे जनगणना समस्तीपुर सहित पूरे बिहार में जनगणना का दूसरा चरण 10 जनवरी से शुरू होगा। इस दौरान 10 से 24 जनवरी तक लोग खुद अपनी जनगणना कर सकेंगे। इसके बाद 25 जनवरी से 28 फरवरी तक कर्मी घर-घर जाकर जनगणना का काम करेंगे। इससे पहले पहले चरण में मकान सूचीकरण का काम 1 अप्रैल से सितंबर 2026 तक किया गया था। अब दूसरे चरण के लिए अधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि तय समय पर जनगणना का काम पूरा किया जा सके। समस्तीपुर में अगले साल 10 जनवरी से शुरू होने वाली जनगणना की तैयारी तेज हो गई है। इसे लेकर शुक्रवार से जिले में अधिकारियों और कर्मियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। जिला स्तरीय पदाधिकारियों, अनुमंडल चार्ज अधिकारियों, प्रखंड और शहरी चार्ज अधिकारियों के साथ उनके तकनीकी सहायकों के प्रशिक्षण के लिए चार बैच बनाए गए हैं। शुक्रवार को पहले बैच के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। ट्रेनिंग कार्यक्रम का शुभारंभ जिला जनगणना अधिकारी सह अपर समाहर्ता (एसी) ब्रजेश कुमार, एसडीएम राकेश कुमार और पटना से आए प्रशिक्षक सुमन सिन्हा व अन्नु गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। पीई मैनुअल का अध्ययन करने का निर्देश जिला जनगणना अधिकारी ब्रजेश कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को उपलब्ध कराए गए पीई मैनुअल का अच्छी तरह अध्ययन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों की ओर से दी जा रही जानकारी को गंभीरता से समझें, ताकि जनगणना के दौरान किसी तरह की गलती न हो। अपर जिला जनगणना अधिकारी अशोक कुमार ने पहले चरण में हुई छोटी-छोटी गलतियों से सीख लेने और उनकी पुनरावृत्ति नहीं करने की बात कही। उन्होंने जनगणना के महत्व और इसकी प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। तकनीकी समस्याओं और गलतियों के समाधान की जानकारी जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी ने जनगणना के काम के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं और उनके समाधान के बारे में बताया। वहीं, समस्तीपुर और दलसिंहसराय के अनुमंडल जनगणना अधिकारियों ने क्षेत्र में काम करते समय होने वाली संभावित गलतियों और उनसे बचने के तरीकों की जानकारी दी। पटना से आईं प्रशिक्षक सुमन सिन्हा और अन्नु गुप्ता ने भी अधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में रोसड़ा, बिथान, हसनपुर और नगर परिषद रोसड़ा के जनगणना चार्ज अधिकारी, नगर पंचायत सिंघिया के अधिकारी, अपर चार्ज अधिकारी, तकनीकी सहायक और लिपिक शामिल हुए। 10 से 24 जनवरी तक लोग खुद कर सकेंगे जनगणना समस्तीपुर सहित पूरे बिहार में जनगणना का दूसरा चरण 10 जनवरी से शुरू होगा। इस दौरान 10 से 24 जनवरी तक लोग खुद अपनी जनगणना कर सकेंगे। इसके बाद 25 जनवरी से 28 फरवरी तक कर्मी घर-घर जाकर जनगणना का काम करेंगे। इससे पहले पहले चरण में मकान सूचीकरण का काम 1 अप्रैल से सितंबर 2026 तक किया गया था। अब दूसरे चरण के लिए अधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि तय समय पर जनगणना का काम पूरा किया जा सके।

