(फाइल फोटो के साथ)
तिरुवनंतपुरम, 30 अक्टूबर केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने शुक्रवार को थानों में जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) की व्यवस्था की जगह सिटीजन हेल्प डेस्क शुरू करने के राज्य सरकार फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि कहा कि इस कदम से आम लोगों के लिए पुलिस से संपर्क करना मुश्किल हो जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि यह फैसला जनता के अनुकूल पुलिस व्यवस्था की मूल अवधारणा को कमजोर करेगा और लोग शिकायतें एवं समस्याएं लेकर थाने नहीं जा पायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित हेल्प डेस्क लोगों को सीधी बात कर उन्हें भरोसा दिलाने के बजाय महज औपचारिक काउंटर बनकर रह सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आगंतुकों से सीधे बातचीत करने और उन्हें मदद देने के लिए किसी समर्पित अधिकारी की व्यवस्था नहीं होने से आम लोगों एवं पुलिस के बीच मनोवैज्ञानिक दूरी और बढ़ सकती है। विजयन ने कहा कि साइबर शिकायतों, सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदनों और विभिन्न अन्य आवेदनों सहित करीब 12 अलग-अलग सेवाओं को एक ही हेल्प डेस्क के तहत लाया गया है, जिससे व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि कंप्यूटर पर प्रविष्टियां करने और लिपिकीय काम के दबाव के बीच हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारियों के पास आम लोगों की शिकायतें धैर्यपूर्वक सुनने या उनकी मदद करने के लिए पर्याप्त समय नहीं हो सकता, फलस्वरूप पूरी प्रक्रिया और जटिल हो सकती है।
विजयन ने कहा कि इस बदलाव से वह व्यवस्था खत्म हो जाएगी, जहां लोग बिना किसी डर के पुलिस के पास अपनी बात रखने जा सकते थे। उन्होंने कहा कि जनता का स्वागत करने और उसकी बात सुनने के लिए विशेष रूप से बनाई गई व्यवस्था की जगह महज एक सरकारी काउंटर शुरू करने से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों की गंभीरता से समीक्षा की जानी चाहिए।

