त्योहारों और विवाह सीजन में बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए रायसेन जिले में कार्बाइड गन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रोहित सिसोनिया ने इसके निर्माण, भंडारण, खरीद-बिक्री, परिवहन और इस्तेमाल पर रोक लगाई है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 12 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। पाइप और बोतल से धमाका करने वाले उपकरण भी प्रतिबंधित यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। पिछले दीपावली पर्व पर प्रदेश के कई जिलों में कार्बाइड गन से बच्चों और किशोरों की आंखों में गंभीर चोटें आई थीं। ऐसे उपकरणों के विस्फोट से आंखों की रोशनी जाने का खतरा रहता है। आदेश के तहत लोहे, स्टील, पीवीसी या प्लास्टिक के पाइप और बोतलों में कैल्शियम कार्बाइड या ज्वलनशील पदार्थ भरकर धमाका करने वाले उपकरण प्रतिबंधित किए गए हैं। इनमें कार्बाइड पाइप गन, पटाखा गन, देसी बंदूक और इन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली किट भी शामिल हैं। दुकानों से लेकर ऑनलाइन बिक्री पर भी रोक जिले में दुकानों, ठेलों, फुटपाथों, हाट-बाजारों और मेलों में इन उपकरणों की बिक्री और प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के जरिए इनकी खरीद-बिक्री पर भी रोक रहेगी। कार्बाइड गन के निर्माण और इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाले वीडियो और रील साझा करना भी प्रतिबंधित है। कार्बाइड गन या उसकी किट का स्टॉक रखने वाले लोगों और व्यापारियों को इसे 24 घंटे के भीतर नजदीकी पुलिस थाने या तहसील कार्यालय में जमा कराना होगा। पुलिस करेगी जांच, स्कूलों में भी दी जाएगी जानकारी आदेश का पालन कराने के लिए पुलिस दुकानों, गोदामों और बाजारों में जांच करेगी। नगरीय निकायों की ओर से मुनादी कराई जाएगी, जबकि पंचायतें ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाएंगी। स्कूलों में विद्यार्थियों और अभिभावकों को भी प्रतिबंध की जानकारी दी जाएगी। उल्लंघन पर एफआईआर और कार्रवाई आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। कार्बाइड गन जब्त कर एफआईआर दर्ज की जाएगी। नाबालिग को ऐसी गन देने वाले विक्रेता और संरक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।

