गोहत्या के पुराने मामलों की दोबारा जांच की मांग:हिंदू जागरण मंच ने टीआई को ज्ञापन दिया; अक्टूबर में 11 आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई

गोहत्या के पुराने मामलों की दोबारा जांच की मांग:हिंदू जागरण मंच ने टीआई को ज्ञापन दिया; अक्टूबर में 11 आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई

झाबुआ के मेघनगर क्षेत्र में गोहत्या और गोकशी की घटनाओं को लेकर हिंदू जागरण मंच ने गुरुवार देर शाम थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। राजेश पणदा के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने पूर्व में दर्ज सभी मामलों की दोबारा जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में सजेली नानिया साथ गोकशी मामले की समीक्षा करने, गिरफ्तार आरोपियों और जांच की प्रगति की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी की गई। पुराने मामलों की जांच और अतिक्रमण की आशंका जताई मंच ने ज्ञापन में जामनिया, बेड़ावली और तुमड़िया सहित अन्य क्षेत्रों में हुई गोहत्या की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी। सजेली नानिया साथ मामले में पुलिस कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने और खाली कराई गई शासकीय जमीन पर दोबारा अतिक्रमण की आशंका को देखते हुए राजस्व और पुलिस विभाग से जांच कराने का आग्रह किया। ज्ञापन में जामनिया में चर्च से जुड़े कथित निर्माण की वैधता, मेघनगर के शीतला माता और शिव मंदिर के आसपास मांस-अंडों की बिक्री की शिकायतों तथा कथित मिशनरी गतिविधियों और धर्मांतरण के मामलों की जांच सक्षम एजेंसियों से कराने की मांग भी शामिल रही। तुमड़िया गुवाली मामले में दो आरोपियों पर एनएसए इधर, प्रशासन ने तुमड़िया गुवाली में 23 अक्टूबर को हुए गोवंश वध के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत निरोधात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के प्रतिवेदन पर जिला दंडाधिकारी डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने यह आदेश जारी किए। आरोपियों की पहचान मकना पिता कल्ला भूरिया और वजिया पिता नूरसिंह भूरिया के रूप में हुई है। आदेश के बाद दोनों को सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। ऑपरेशन गो-वंशम् के तहत 11 आरोपियों पर कार्रवाई पुलिस के अनुसार, जिले में चलाए जा रहे ऑपरेशन गो-वंशम् के तहत मोहनपुरा और मेघनगर के नर्सरी मामलों में भी कार्रवाई की गई है। अक्टूबर माह में अब तक कुल 11 आरोपियों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की जा चुकी है। एसपी देवेंद्र पाटीदार ने कहा है कि गोवंश वध और पशु क्रूरता से जुड़े मामलों में आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। इसके साथ ही गांवों में जन-जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।

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