‘देश में फिजिकल नक्सलवाद खत्म, अब दिमागी नक्सलवाद की प्रवृत्ति’:नसरुद्दीन शाह के पोस्ट पर गिरिराज बोले- भारत अच्छा नहीं लगता तो कहीं और चले जाएं

‘देश में फिजिकल नक्सलवाद खत्म, अब दिमागी नक्सलवाद की प्रवृत्ति’:नसरुद्दीन शाह के पोस्ट पर गिरिराज बोले- भारत अच्छा नहीं लगता तो कहीं और चले जाएं

बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अभिनेता नसरुद्दीन शाह और राजनीति से जुड़े कुछ चेहरों पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है देश में भौतिक यानी फिजिकल नक्सलवाद का खात्मा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूरी तरह से कर दिया है। अब एक नई प्रवृत्ति दिमागी नक्सल के रूप में सामने आ रही है, जो देश की मूल भावना और प्रगति के खिलाफ है। गिरिराज सिंह ने कहा कि मैंने एक व्यक्ति (नसरुद्दीन शाह) का पोस्ट देखा, जिसमें उन्होंने खुद को दिमागी नक्सल होने की बात कही है। ऐसे लोगों को शायद इस बात का अंदाजा नहीं है कि इस देश में अमित शाह ने सारे फिजिकल नक्सल का खात्मा कर दिया है। जिन लोगों को भारत देश अच्छा नहीं लगता और जो यहां की व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं, वे उस जगह चले जाएं, जहां उन्हें सब कुछ अच्छा लगता है। ‘जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं’ गिरिराज ने कहा कि ये वही लोग हैं जो जिस थाली में खाते हैं, उसी थाली में छेद करने का काम करते हैं। देश के सनातनियों और आम जनता ने ही सिनेमा हॉल में जाकर नसरुद्दीन शाह को बड़ी शख्सियत बनाई। यह बात इन लोगों को हमेशा याद रखनी चाहिए। केवल नसरुद्दीन शाह ही नहीं, बल्कि फिल्म जगत से जुड़े अन्य कई लोगों को भी अपनी इस मानसिकता पर विचार करना चाहिए कि वे देश के प्रति क्या रुख अपना रहे हैं। राजनीति के गलियारों में कई दिमागी नक्सल मौजूद गिरिराज सिंह ने कहा कि गरीब का बेटा नरेंद्र मोदी देश की बागडोर संभाल रहा है और सफलतापूर्वक सरकार चला रहा है। देश की जनता सब कुछ समझती है और ऐसे लोगों को सबक सिखाना अच्छी तरह जानती है। चाहे कोई राजनेता हो या कोई अन्य व्यक्ति, जनता उन्हें समय आने पर करारा सबक सिखा देगी। देश से तो नक्सलवाद खत्म हो गया, अब जिनके दिमाग से नहीं मिट रहा, वो अपनी सोच दुरुस्त कर लें। बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अभिनेता नसरुद्दीन शाह और राजनीति से जुड़े कुछ चेहरों पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है देश में भौतिक यानी फिजिकल नक्सलवाद का खात्मा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूरी तरह से कर दिया है। अब एक नई प्रवृत्ति दिमागी नक्सल के रूप में सामने आ रही है, जो देश की मूल भावना और प्रगति के खिलाफ है। गिरिराज सिंह ने कहा कि मैंने एक व्यक्ति (नसरुद्दीन शाह) का पोस्ट देखा, जिसमें उन्होंने खुद को दिमागी नक्सल होने की बात कही है। ऐसे लोगों को शायद इस बात का अंदाजा नहीं है कि इस देश में अमित शाह ने सारे फिजिकल नक्सल का खात्मा कर दिया है। जिन लोगों को भारत देश अच्छा नहीं लगता और जो यहां की व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं, वे उस जगह चले जाएं, जहां उन्हें सब कुछ अच्छा लगता है। ‘जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं’ गिरिराज ने कहा कि ये वही लोग हैं जो जिस थाली में खाते हैं, उसी थाली में छेद करने का काम करते हैं। देश के सनातनियों और आम जनता ने ही सिनेमा हॉल में जाकर नसरुद्दीन शाह को बड़ी शख्सियत बनाई। यह बात इन लोगों को हमेशा याद रखनी चाहिए। केवल नसरुद्दीन शाह ही नहीं, बल्कि फिल्म जगत से जुड़े अन्य कई लोगों को भी अपनी इस मानसिकता पर विचार करना चाहिए कि वे देश के प्रति क्या रुख अपना रहे हैं। राजनीति के गलियारों में कई दिमागी नक्सल मौजूद गिरिराज सिंह ने कहा कि गरीब का बेटा नरेंद्र मोदी देश की बागडोर संभाल रहा है और सफलतापूर्वक सरकार चला रहा है। देश की जनता सब कुछ समझती है और ऐसे लोगों को सबक सिखाना अच्छी तरह जानती है। चाहे कोई राजनेता हो या कोई अन्य व्यक्ति, जनता उन्हें समय आने पर करारा सबक सिखा देगी। देश से तो नक्सलवाद खत्म हो गया, अब जिनके दिमाग से नहीं मिट रहा, वो अपनी सोच दुरुस्त कर लें।  

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