कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट परिसर के आसपास बचे अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने नगर निगम को शेष अतिक्रमण हटाने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों को पहले ही नोटिस दिया जा चुका है, उन्हें दोबारा नोटिस देने की जरूरत नहीं है। ध्वस्तीकरण की तारीख कम से कम 7 दिन पहले सार्वजनिक करनी होगी, ताकि संबंधित लोगों को कार्रवाई की जानकारी पहले से मिल सके। तस्वीरें देखने के बाद कोर्ट ने दिया निर्देश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने अनुराधा सिंह व अन्य के नाम से दर्ज स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। सुनवाई में नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने के बाद की तस्वीरें अदालत में पेश कीं। तस्वीरों का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने कहा कि काफी हद तक अतिक्रमण हटाया जा चुका है, लेकिन कुछ अवैध कब्जे अब भी बाकी हैं। खंडपीठ ने नगर निगम को शेष अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया। अधिवक्ताओं से आगे भी सहयोग की उम्मीद अदालत ने कहा कि जिन अधिवक्ताओं के अवैध कब्जे थे, उन्होंने कार्रवाई के दौरान सहयोग किया। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि आगे भी इसी तरह सहयोग मिलता रहेगा। मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी।

