पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड के लेपांग गांव के पास हाथियों का झुंड तीन दिन से मौजूद है। रात में हाथी खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान की चिंता है। हाथियों की आवाजाही के चलते ग्रामीण रातभर टॉर्च लेकर पहरा दे रहे हैं। वे हाथियों पर नजर रखते हैं, ताकि समय रहते सतर्क हो सकें। लगातार जागने से उन्हें परेशानी हो रही है। हाथियों के झुंड में छोटे बच्चे भी शामिल हाथियों को खेतों और आबादी वाले इलाकों से दूर रखने के लिए वन विभाग की टीम मौके पर है। टीम मशाल जलाकर और पटाखे फोड़कर हाथियों को दूसरी ओर भेजने की कोशिश कर रही है। झुंड में छोटे बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, झुंड में करीब 45 हाथी होने की बात कही जा रही है, जबकि मौके पर इनकी संख्या लगभग 30 बताई जा रही है। हाथियों की वास्तविक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वन विभाग से सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग ग्रामीणों को फसलों के नुकसान के साथ अपनी सुरक्षा की भी चिंता है। उन्होंने वन विभाग से लगातार निगरानी और सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। हाथियों के हमले की आशंका के चलते ग्रामीणों को उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उन्हें भगाने या घेरने की कोशिश न करने की सलाह दी जा रही है। पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड के लेपांग गांव के पास हाथियों का झुंड तीन दिन से मौजूद है। रात में हाथी खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान की चिंता है। हाथियों की आवाजाही के चलते ग्रामीण रातभर टॉर्च लेकर पहरा दे रहे हैं। वे हाथियों पर नजर रखते हैं, ताकि समय रहते सतर्क हो सकें। लगातार जागने से उन्हें परेशानी हो रही है। हाथियों के झुंड में छोटे बच्चे भी शामिल हाथियों को खेतों और आबादी वाले इलाकों से दूर रखने के लिए वन विभाग की टीम मौके पर है। टीम मशाल जलाकर और पटाखे फोड़कर हाथियों को दूसरी ओर भेजने की कोशिश कर रही है। झुंड में छोटे बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, झुंड में करीब 45 हाथी होने की बात कही जा रही है, जबकि मौके पर इनकी संख्या लगभग 30 बताई जा रही है। हाथियों की वास्तविक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वन विभाग से सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग ग्रामीणों को फसलों के नुकसान के साथ अपनी सुरक्षा की भी चिंता है। उन्होंने वन विभाग से लगातार निगरानी और सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। हाथियों के हमले की आशंका के चलते ग्रामीणों को उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उन्हें भगाने या घेरने की कोशिश न करने की सलाह दी जा रही है।

