भास्कर न्यूज | खगड़िया बच्चों का बचपन सुरक्षित रहे, वे अपने अधिकारों को समझें और किसी भी तरह के शोषण के खिलाफ आवाज उठाने का साहस रखें, इसी उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खगड़िया की ओर से ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को रोज बड अकैडमी, खगड़िया में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसमें न्यायिक पदाधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को व्यक्तिगत सुरक्षा, यौन शोषण से बचाव, बाल विवाह, बाल श्रम और साइबर अपराध से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा शिक्षा विभाग के सहयोग से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 26 से 31 अक्टूबर तक जिले के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं वाले सरकारी एवं निजी विद्यालयों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। बाल विवाह और बाल श्रम से बचाने पर जोर न्यायिक पदाधिकारियों ने बताया कि बाल श्रम बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और समुचित विकास में बाधा बनता है। बच्चों का स्थान विद्यालय में है, न कि ऐसे कार्यस्थलों पर जहां उनका बचपन और भविष्य प्रभावित हो। बाल श्रम से जुड़े कानूनी प्रावधानों के पालन और ऐसी घटनाओं की सूचना संबंधित अधिकारियों को देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए कहा गया कि कम उम्र में विवाह बच्चों, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की संभावनाओं को प्रभावित करता है। इसकी रोकथाम के लिए परिवार, विद्यालय और समाज की सक्रिय भूमिका जरूरी है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव चंदन कुमार ने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी समस्या को बिना भय के साझा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि अभियान के अगले चरण में सहभागी विद्यालयों से दो-दो शिक्षकों को चिह्नित कर प्रशिक्षित करने की योजना है, ताकि वे विद्यालय स्तर पर बाल सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम और अन्य संबंधित विषयों पर जागरूकता गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ा सकें। अभियान का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास जगाना था। भास्कर न्यूज | खगड़िया बच्चों का बचपन सुरक्षित रहे, वे अपने अधिकारों को समझें और किसी भी तरह के शोषण के खिलाफ आवाज उठाने का साहस रखें, इसी उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खगड़िया की ओर से ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को रोज बड अकैडमी, खगड़िया में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसमें न्यायिक पदाधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को व्यक्तिगत सुरक्षा, यौन शोषण से बचाव, बाल विवाह, बाल श्रम और साइबर अपराध से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा शिक्षा विभाग के सहयोग से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 26 से 31 अक्टूबर तक जिले के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं वाले सरकारी एवं निजी विद्यालयों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। बाल विवाह और बाल श्रम से बचाने पर जोर न्यायिक पदाधिकारियों ने बताया कि बाल श्रम बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और समुचित विकास में बाधा बनता है। बच्चों का स्थान विद्यालय में है, न कि ऐसे कार्यस्थलों पर जहां उनका बचपन और भविष्य प्रभावित हो। बाल श्रम से जुड़े कानूनी प्रावधानों के पालन और ऐसी घटनाओं की सूचना संबंधित अधिकारियों को देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए कहा गया कि कम उम्र में विवाह बच्चों, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की संभावनाओं को प्रभावित करता है। इसकी रोकथाम के लिए परिवार, विद्यालय और समाज की सक्रिय भूमिका जरूरी है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव चंदन कुमार ने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी समस्या को बिना भय के साझा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि अभियान के अगले चरण में सहभागी विद्यालयों से दो-दो शिक्षकों को चिह्नित कर प्रशिक्षित करने की योजना है, ताकि वे विद्यालय स्तर पर बाल सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम और अन्य संबंधित विषयों पर जागरूकता गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ा सकें। अभियान का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास जगाना था।

