खगड़िया के परबत्ता थाना क्षेत्र के तेमथा करारी गांव के वार्ड नंबर-2 में बुधवार शाम जहरीले सांप के डंसने से 12 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान बम बम शर्मा के पुत्र सिद्धार्थ के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर के पास खेल रहा था बच्चा, तभी सांप ने डंसा जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थ बुधवार शाम अपने घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान उसे सांप ने डंस लिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे बचाने के प्रयास में जुट गए और बाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, परबत्ता लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत सीएचसी में चिकित्सक विनय कुमार विमल ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक के अनुसार, बच्चे की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। झाड़-फूंक की चर्चा, देरी की पुष्टि नहीं घटना के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि बच्चे को अस्पताल ले जाने से पहले झाड़-फूंक कराई गई थी। हालांकि, अस्पताल पहुंचने में देरी हुई या नहीं और उसका मौत से कोई संबंध था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सर्पदंश में तुरंत अस्पताल पहुंचना जरूरी सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपायों में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से जान बचने की संभावना बढ़ सकती है। सिद्धार्थ की मौत के बाद तेमथा करारी गांव में शोक का माहौल है। खगड़िया के परबत्ता थाना क्षेत्र के तेमथा करारी गांव के वार्ड नंबर-2 में बुधवार शाम जहरीले सांप के डंसने से 12 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान बम बम शर्मा के पुत्र सिद्धार्थ के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर के पास खेल रहा था बच्चा, तभी सांप ने डंसा जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थ बुधवार शाम अपने घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान उसे सांप ने डंस लिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे बचाने के प्रयास में जुट गए और बाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, परबत्ता लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत सीएचसी में चिकित्सक विनय कुमार विमल ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक के अनुसार, बच्चे की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। झाड़-फूंक की चर्चा, देरी की पुष्टि नहीं घटना के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि बच्चे को अस्पताल ले जाने से पहले झाड़-फूंक कराई गई थी। हालांकि, अस्पताल पहुंचने में देरी हुई या नहीं और उसका मौत से कोई संबंध था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सर्पदंश में तुरंत अस्पताल पहुंचना जरूरी सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपायों में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से जान बचने की संभावना बढ़ सकती है। सिद्धार्थ की मौत के बाद तेमथा करारी गांव में शोक का माहौल है।

