सहरसा के अमन चौक से होंडा शोरूम तक बनने वाले 2500 फीट लंबे नाले के निर्माण पर अतिक्रमण विवाद के कारण काम अटका हुआ है। बुधवार को कहरा अंचल के अधिकारियों के निर्देश पर स्थल की दोबारा नापी कराई गई। नापी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, निर्माण बंद होने और रास्ता बाधित रहने से आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण शुरू होने के एक सप्ताह बाद उठी थी शिकायत सहरसा-बैजनाथपुर मुख्य मार्ग पर नगर निगम की ओर से 17 अगस्त से नाले का निर्माण कराया जा रहा था। काम शुरू होने के एक सप्ताह के भीतर निर्माण की गुणवत्ता और जगह को लेकर शिकायत मिली थी। इसके बाद सदर एसडीएम श्रेयांश तिवारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्थल की नापी कराई। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के आरोप में 35 लोगों को नोटिस सरकारी सड़क की जमीन पर अतिक्रमण के आरोप में 35 लोगों को नोटिस जारी कर जमीन खाली करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद से नाला निर्माण का काम बंद है। बुधवार को कहरा अंचलाधिकारी निरंजन कुमार मिश्रा के निर्देश पर सरकारी और निजी अमीन ने स्थल की दोबारा नापी की। अमीन के अनुसार, नापी पूरी होने के बाद रिपोर्ट अंचल कार्यालय में सौंपी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। चार वार्डों के लोगों को रास्ता बंद होने से परेशानी निर्माण कार्य रुकने और नाले के लिए खोदी गई जगह के कारण सहरसा बस्ती के लोगों को घरों से निकलने में दिक्कत हो रही है। वार्ड संख्या 26, 27, 28 और 29 के 35 लोगों ने नगर आयुक्त से मिलकर निर्माण दोबारा शुरू कराने और रास्ता खोलने की मांग की है। 1.68 करोड़ रुपये से बनना है नाला निर्माण करा रहे ठेकेदार कौशल किशोर ने बताया कि योजना पर करीब 1 करोड़ 68 लाख रुपये खर्च होने हैं। इसके तहत 2500 फीट लंबा नाला बनाया जाना है। उनके मुताबिक, नाला बनने से इलाके में जलजमाव की समस्या से राहत मिलेगी। वार्ड 27 के पार्षद प्रतिनिधि मो. अकबर ने बताया कि सदर एसडीएम के आदेश के बाद निर्माण कार्य बंद हुआ था। बुधवार को दोबारा नापी कराई गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द काम शुरू होगा और लोगों को रास्ते की परेशानी के साथ जलजमाव से भी राहत मिलेगी। सहरसा के अमन चौक से होंडा शोरूम तक बनने वाले 2500 फीट लंबे नाले के निर्माण पर अतिक्रमण विवाद के कारण काम अटका हुआ है। बुधवार को कहरा अंचल के अधिकारियों के निर्देश पर स्थल की दोबारा नापी कराई गई। नापी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, निर्माण बंद होने और रास्ता बाधित रहने से आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण शुरू होने के एक सप्ताह बाद उठी थी शिकायत सहरसा-बैजनाथपुर मुख्य मार्ग पर नगर निगम की ओर से 17 अगस्त से नाले का निर्माण कराया जा रहा था। काम शुरू होने के एक सप्ताह के भीतर निर्माण की गुणवत्ता और जगह को लेकर शिकायत मिली थी। इसके बाद सदर एसडीएम श्रेयांश तिवारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्थल की नापी कराई। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के आरोप में 35 लोगों को नोटिस सरकारी सड़क की जमीन पर अतिक्रमण के आरोप में 35 लोगों को नोटिस जारी कर जमीन खाली करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद से नाला निर्माण का काम बंद है। बुधवार को कहरा अंचलाधिकारी निरंजन कुमार मिश्रा के निर्देश पर सरकारी और निजी अमीन ने स्थल की दोबारा नापी की। अमीन के अनुसार, नापी पूरी होने के बाद रिपोर्ट अंचल कार्यालय में सौंपी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। चार वार्डों के लोगों को रास्ता बंद होने से परेशानी निर्माण कार्य रुकने और नाले के लिए खोदी गई जगह के कारण सहरसा बस्ती के लोगों को घरों से निकलने में दिक्कत हो रही है। वार्ड संख्या 26, 27, 28 और 29 के 35 लोगों ने नगर आयुक्त से मिलकर निर्माण दोबारा शुरू कराने और रास्ता खोलने की मांग की है। 1.68 करोड़ रुपये से बनना है नाला निर्माण करा रहे ठेकेदार कौशल किशोर ने बताया कि योजना पर करीब 1 करोड़ 68 लाख रुपये खर्च होने हैं। इसके तहत 2500 फीट लंबा नाला बनाया जाना है। उनके मुताबिक, नाला बनने से इलाके में जलजमाव की समस्या से राहत मिलेगी। वार्ड 27 के पार्षद प्रतिनिधि मो. अकबर ने बताया कि सदर एसडीएम के आदेश के बाद निर्माण कार्य बंद हुआ था। बुधवार को दोबारा नापी कराई गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द काम शुरू होगा और लोगों को रास्ते की परेशानी के साथ जलजमाव से भी राहत मिलेगी।

