उज्जैन में संत रामपाल के अनुयायियों ने वैदिक वक्ता और चिंतक आचार्य योगेश भारद्वाज के खिलाफ बुधवार को कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। अनुयायियों ने आरोप लगाया कि आचार्य ने सोशल मीडिया पर संत रामपाल के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और झूठे आरोप लगाए। उन्होंने मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की। रामपाल के शिष्य मुकेश दास देवल ने बताया कि आचार्य योगेश भारद्वाज (योगेश कुमार) ने इंस्टाग्राम पर एक रील पोस्ट की थी। इसमें संत रामपाल के बारे में कथित तौर पर असत्य, अशोभनीय और भ्रामक टिप्पणियां की गईं, जिससे अनुयायियों की भावनाओं और सम्मान को ठेस पहुंची। सरकार से सांठगांठ का आरोप अनुयायियों के अनुसार, इंस्टाग्राम रील और उससे जुड़े स्क्रीनशॉट में संत रामपाल पर बलात्कार के आरोप, बिना कोर्ट के सरकार से सांठगांठ करके जेल से बाहर आने जैसी बातें कही गई हैं। उनका आरोप है कि इस तरह की टिप्पणियों से न्यायपालिका, सरकार, प्रशासन और संत रामपाल के प्रति लोगों में नफरत फैलाने तथा दंगे भड़काने की कोशिश की गई। कानूनी कार्रवाई की मांग अनुयायियों ने ज्ञापन में कहा कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए या तथ्यों को तोड़-मरोड़कर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर भ्रामक बातें प्रसारित की गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे उनके धार्मिक विश्वास, सामाजिक सम्मान और प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। अनुयायियों ने आचार्य योगेश भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

