जहानाबाद के सदर अस्पताल में डॉक्टरों की गैरहाजिरी और मरीजों की परेशानी की शिकायतों के बीच बुधवार को पूर्व विधायक सुदय यादव औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान उन्हें केवल एक डॉक्टर उपस्थित दिखाई दिए। यादव ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
यादव ने कहा कि ग्रामीण इलाकों से अस्पताल की व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि अस्पताल में दर्जनों डॉक्टर होने के बावजूद ड्यूटी के समय गिने-चुने डॉक्टर ही क्यों दिखते हैं। उन्होंने डॉक्टरों के घंटों गैरहाजिर रहने की शिकायतों की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल जिले का प्रमुख सरकारी अस्पताल है। यहां अलग-अलग प्रखंडों और ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने आते हैं। डॉक्टरों की गैरहाजिरी से मरीजों को परेशानी होती है। अस्पताल की व्यवस्था संभालना और डॉक्टरों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। यादव ने सिविल सर्जन को भी जवाबदेह बनाने की मांग की।
सदर अस्पताल का नया भवन अभी बन रहा है। यादव ने कहा कि निर्माण पूरा होने तक मौजूदा व्यवस्था में भी मरीजों को बेहतर इलाज मिलना चाहिए। नया भवन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है।
उन्होंने जिलाधिकारी से डॉक्टरों की मौजूदगी की जांच कराने, गैरहाजिर डॉक्टरों से जवाब मांगने और लापरवाही मिलने पर विभागीय कार्रवाई करने की मांग की। यादव ने कहा कि जिलाधिकारी जिले के विकास के लिए अच्छा काम कर रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग से मिल रही शिकायतों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जहानाबाद के सदर अस्पताल में डॉक्टरों की गैरहाजिरी और मरीजों की परेशानी की शिकायतों के बीच बुधवार को पूर्व विधायक सुदय यादव औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान उन्हें केवल एक डॉक्टर उपस्थित दिखाई दिए। यादव ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
यादव ने कहा कि ग्रामीण इलाकों से अस्पताल की व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि अस्पताल में दर्जनों डॉक्टर होने के बावजूद ड्यूटी के समय गिने-चुने डॉक्टर ही क्यों दिखते हैं। उन्होंने डॉक्टरों के घंटों गैरहाजिर रहने की शिकायतों की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल जिले का प्रमुख सरकारी अस्पताल है। यहां अलग-अलग प्रखंडों और ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने आते हैं। डॉक्टरों की गैरहाजिरी से मरीजों को परेशानी होती है। अस्पताल की व्यवस्था संभालना और डॉक्टरों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। यादव ने सिविल सर्जन को भी जवाबदेह बनाने की मांग की।
सदर अस्पताल का नया भवन अभी बन रहा है। यादव ने कहा कि निर्माण पूरा होने तक मौजूदा व्यवस्था में भी मरीजों को बेहतर इलाज मिलना चाहिए। नया भवन बनने के बाद सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है।
उन्होंने जिलाधिकारी से डॉक्टरों की मौजूदगी की जांच कराने, गैरहाजिर डॉक्टरों से जवाब मांगने और लापरवाही मिलने पर विभागीय कार्रवाई करने की मांग की। यादव ने कहा कि जिलाधिकारी जिले के विकास के लिए अच्छा काम कर रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग से मिल रही शिकायतों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

