शेखपुरा में 90% किसान पंजीकरण का लक्ष्य:डीएम ने खाद-बीज की उपलब्धता बढ़ाने को कहा; लेमन ग्रास-पामारोजा की खेती को बढ़ावा

शेखपुरा में 90% किसान पंजीकरण का लक्ष्य:डीएम ने खाद-बीज की उपलब्धता बढ़ाने को कहा; लेमन ग्रास-पामारोजा की खेती को बढ़ावा

शेखपुरा में डीएम शेखर आनंद की अध्यक्षता में कृषि विभाग की जिलास्तरीय टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसमें कृषि योजनाओं की प्रगति, बीज-उर्वरक वितरण, सिंचाई व्यवस्था और किसान पंजीकरण की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक समय पर पहुंचाने का निर्देश दिया। डीएम ने अरियरी और शेखोपुरसराय प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को 90 प्रतिशत किसान पंजीकरण का लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पंजीकरण में तेजी लाने के लिए क्षेत्र स्तर पर अभियान चलाया जाए और किसानों को इसके महत्व की जानकारी दी जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य पूरा करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक पात्र किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ मिल सके। खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण की समीक्षा बैठक में खरीफ विपणन मौसम के तहत बीज वितरण और प्रखंडवार खाद की आपूर्ति की समीक्षा की गई। डीएम ने किसानों की जरूरत के अनुसार खाद और बीज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने यूरिया वितरण की रिपोर्ट भी मांगी। मसूर, सरसों और मटर के बीज वितरण को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया, ताकि किसानों को समय पर बीज मिल सके। लेमन ग्रास और पामारोजा की खेती को बढ़ावा देने पर जोर डीएम ने कृषि उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और किसानों को जागरूक करने को कहा। उन्होंने लेमन ग्रास और पामारोजा जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने के साथ आहर-पइन के जीर्णोद्धार के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कृषि यंत्रों और योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने को कहा बैठक में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और कृषि मेला आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। डीएम ने कृषि यंत्रों, आधुनिक खेती की तकनीकों और विभागीय योजनाओं के बारे में किसानों को जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कृषि सखियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने और कृषि क्षेत्र में उनकी भूमिका को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। प्याज भंडारण के लिए गोदाम और वर्मी कंपोस्ट इकाइयां बनाने के निर्देश किसानों की उपज के सुरक्षित भंडारण की सुविधा बढ़ाने के लिए डीएम ने प्याज भंडारण गोदाम के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। कृषि अवशेषों और जैविक संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए वर्मी कंपोस्ट इकाइयों के निर्माण पर भी जोर दिया। इसके अलावा मक्का आधारित गतिविधियों और बायोगैस इकाइयों के निर्माण को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया, ताकि कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों को अधिक उपयोगी और टिकाऊ बनाया जा सके। योजनाओं की नियमित समीक्षा करने का निर्देश डीएम शेखर आनंद ने अधिकारियों को कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीरता बरतने तथा निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने किसानों की समस्याओं के समाधान, कृषि संसाधनों की उपलब्धता और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभागीय समन्वय को जरूरी बताया। शेखपुरा में डीएम शेखर आनंद की अध्यक्षता में कृषि विभाग की जिलास्तरीय टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसमें कृषि योजनाओं की प्रगति, बीज-उर्वरक वितरण, सिंचाई व्यवस्था और किसान पंजीकरण की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक समय पर पहुंचाने का निर्देश दिया। डीएम ने अरियरी और शेखोपुरसराय प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को 90 प्रतिशत किसान पंजीकरण का लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पंजीकरण में तेजी लाने के लिए क्षेत्र स्तर पर अभियान चलाया जाए और किसानों को इसके महत्व की जानकारी दी जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य पूरा करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक पात्र किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ मिल सके। खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण की समीक्षा बैठक में खरीफ विपणन मौसम के तहत बीज वितरण और प्रखंडवार खाद की आपूर्ति की समीक्षा की गई। डीएम ने किसानों की जरूरत के अनुसार खाद और बीज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने यूरिया वितरण की रिपोर्ट भी मांगी। मसूर, सरसों और मटर के बीज वितरण को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया, ताकि किसानों को समय पर बीज मिल सके। लेमन ग्रास और पामारोजा की खेती को बढ़ावा देने पर जोर डीएम ने कृषि उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और किसानों को जागरूक करने को कहा। उन्होंने लेमन ग्रास और पामारोजा जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने के साथ आहर-पइन के जीर्णोद्धार के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कृषि यंत्रों और योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने को कहा बैठक में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और कृषि मेला आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। डीएम ने कृषि यंत्रों, आधुनिक खेती की तकनीकों और विभागीय योजनाओं के बारे में किसानों को जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कृषि सखियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने और कृषि क्षेत्र में उनकी भूमिका को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। प्याज भंडारण के लिए गोदाम और वर्मी कंपोस्ट इकाइयां बनाने के निर्देश किसानों की उपज के सुरक्षित भंडारण की सुविधा बढ़ाने के लिए डीएम ने प्याज भंडारण गोदाम के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। कृषि अवशेषों और जैविक संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए वर्मी कंपोस्ट इकाइयों के निर्माण पर भी जोर दिया। इसके अलावा मक्का आधारित गतिविधियों और बायोगैस इकाइयों के निर्माण को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया, ताकि कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों को अधिक उपयोगी और टिकाऊ बनाया जा सके। योजनाओं की नियमित समीक्षा करने का निर्देश डीएम शेखर आनंद ने अधिकारियों को कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीरता बरतने तथा निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने किसानों की समस्याओं के समाधान, कृषि संसाधनों की उपलब्धता और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभागीय समन्वय को जरूरी बताया।  

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