Michael Owen के बाद Ballon dOr जीतने वाले England के पहले खिलाड़ी बने Harry Kane

Michael Owen के बाद Ballon dOr जीतने वाले England के पहले खिलाड़ी बने Harry Kane

फुटबॉल की दुनिया में सोमवार की शाम हैरी केन के नाम रही। इंग्लैंड के इस स्टार खिलाड़ी ने अपने करियर का सबसे बड़ा व्यक्तिगत सम्मान हासिल करते हुए बैलन डी’ओर पुरस्कार जीत लिया। वह 25 साल बाद यह प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतने वाले इंग्लैंड के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। लंदन में आयोजित समारोह में बायर्न म्यूनिख के स्ट्राइकर केन ने लामिन यामाल और किलियन एम्बाप्पे जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को पीछे छोड़कर यह उपलब्धि हासिल की।केन के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही, क्योंकि पुरस्कार समारोह उनके अपने शहर लंदन में आयोजित किया गया था। इससे पहले इंग्लैंड के माइकल ओवेन ने 2001 में बैलन डी’ओर जीता था। उसके बाद से किसी भी इंग्लिश खिलाड़ी को यह सम्मान नहीं मिला था। करीब 25 साल के इंतजार के बाद केन की जीत ने इंग्लैंड के फुटबॉल प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका दिया है।पिछले सत्र में केन का प्रदर्शन शानदार रहा था। उन्होंने क्लब और देश के लिए कुल 65 मुकाबलों में 73 गोल किए। उनके दमदार खेल ने बायर्न म्यूनिख को जर्मनी में घरेलू लीग और कप, दोनों खिताब जीतने में मदद की। वहीं, इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम के लिए भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई। विश्व कप में इंग्लैंड के तीसरे स्थान पर रहने के दौरान केन ने 6 गोल किए थे। उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें इस बड़े सम्मान का मजबूत दावेदार बनाया।समाचार एजेंसी एएफपी से बातचीत में केन ने पुरस्कार जीतने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अपने देश का प्रतिनिधित्व करना और इस ट्रॉफी को इंग्लैंड वापस लाना उनके लिए बेहद खास है। लंदन में इंग्लैंड के किसी खिलाड़ी को यह सम्मान मिलना उनके लिए और भी यादगार अनुभव रहा। केन ने समारोह की शाम को बेहद खास बताते हुए अपनी खुशी जाहिर की।हालांकि, केन के व्यक्तिगत रिकॉर्ड जितने शानदार रहे हैं, बड़े खिताबों के मामले में उनका सफर उतना आसान नहीं रहा। वह इंग्लैंड और टॉटेनहम हॉटस्पर के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं, लेकिन लंबे समय तक उन्हें बड़े टूर्नामेंटों में खिताबी जीत का इंतजार करना पड़ा। टॉटेनहम के साथ रहते हुए उन्हें 2019 में चैंपियंस लीग के फाइनल में लिवरपूल के हाथों हार मिली थी। इसके बाद इंग्लैंड की टीम के साथ भी उन्हें यूरोपीय चैंपियनशिप के 2 फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।महिला फुटबॉल में भी इस समारोह में स्पेन की एलेक्सिया पुटेलास ने अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने तीसरी बार महिला बैलन डी’ओर पुरस्कार जीता। यह सम्मान उन्हें पिछले सत्र में बार्सिलोना की चैंपियंस लीग जीतने वाली टीम में योगदान के लिए मिला। बाद में वह लंदन सिटी लायनेसेस से जुड़ गईं। उनकी जीत ने महिला फुटबॉल में स्पेन के दबदबे को और मजबूत किया है।बता दें कि इंग्लैंड में पहली बार आयोजित इस पुरस्कार समारोह की शुरुआत भी आसान नहीं रही। लंदन के भारी यातायात के कारण कार्यक्रम करीब 1 घंटे देर से शुरू हुआ और कई बड़े मेहमान समय पर नहीं पहुंच सके। इसके बावजूद शाम का सबसे बड़ा आकर्षण केन की ऐतिहासिक जीत रही, जिसने उनके शानदार प्रदर्शन को वैश्विक पहचान दिलाई है। 

फुटबॉल की दुनिया में सोमवार की शाम हैरी केन के नाम रही। इंग्लैंड के इस स्टार खिलाड़ी ने अपने करियर का सबसे बड़ा व्यक्तिगत सम्मान हासिल करते हुए बैलन डी’ओर पुरस्कार जीत लिया। वह 25 साल बाद यह प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतने वाले इंग्लैंड के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। लंदन में आयोजित समारोह में बायर्न म्यूनिख के स्ट्राइकर केन ने लामिन यामाल और किलियन एम्बाप्पे जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को पीछे छोड़कर यह उपलब्धि हासिल की।

केन के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही, क्योंकि पुरस्कार समारोह उनके अपने शहर लंदन में आयोजित किया गया था। इससे पहले इंग्लैंड के माइकल ओवेन ने 2001 में बैलन डी’ओर जीता था। उसके बाद से किसी भी इंग्लिश खिलाड़ी को यह सम्मान नहीं मिला था। करीब 25 साल के इंतजार के बाद केन की जीत ने इंग्लैंड के फुटबॉल प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका दिया है।

पिछले सत्र में केन का प्रदर्शन शानदार रहा था। उन्होंने क्लब और देश के लिए कुल 65 मुकाबलों में 73 गोल किए। उनके दमदार खेल ने बायर्न म्यूनिख को जर्मनी में घरेलू लीग और कप, दोनों खिताब जीतने में मदद की। वहीं, इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम के लिए भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई। विश्व कप में इंग्लैंड के तीसरे स्थान पर रहने के दौरान केन ने 6 गोल किए थे। उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें इस बड़े सम्मान का मजबूत दावेदार बनाया।

समाचार एजेंसी एएफपी से बातचीत में केन ने पुरस्कार जीतने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अपने देश का प्रतिनिधित्व करना और इस ट्रॉफी को इंग्लैंड वापस लाना उनके लिए बेहद खास है। लंदन में इंग्लैंड के किसी खिलाड़ी को यह सम्मान मिलना उनके लिए और भी यादगार अनुभव रहा। केन ने समारोह की शाम को बेहद खास बताते हुए अपनी खुशी जाहिर की।

हालांकि, केन के व्यक्तिगत रिकॉर्ड जितने शानदार रहे हैं, बड़े खिताबों के मामले में उनका सफर उतना आसान नहीं रहा। वह इंग्लैंड और टॉटेनहम हॉटस्पर के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं, लेकिन लंबे समय तक उन्हें बड़े टूर्नामेंटों में खिताबी जीत का इंतजार करना पड़ा। टॉटेनहम के साथ रहते हुए उन्हें 2019 में चैंपियंस लीग के फाइनल में लिवरपूल के हाथों हार मिली थी। इसके बाद इंग्लैंड की टीम के साथ भी उन्हें यूरोपीय चैंपियनशिप के 2 फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।

महिला फुटबॉल में भी इस समारोह में स्पेन की एलेक्सिया पुटेलास ने अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने तीसरी बार महिला बैलन डी’ओर पुरस्कार जीता। यह सम्मान उन्हें पिछले सत्र में बार्सिलोना की चैंपियंस लीग जीतने वाली टीम में योगदान के लिए मिला। बाद में वह लंदन सिटी लायनेसेस से जुड़ गईं। उनकी जीत ने महिला फुटबॉल में स्पेन के दबदबे को और मजबूत किया है।

बता दें कि इंग्लैंड में पहली बार आयोजित इस पुरस्कार समारोह की शुरुआत भी आसान नहीं रही। लंदन के भारी यातायात के कारण कार्यक्रम करीब 1 घंटे देर से शुरू हुआ और कई बड़े मेहमान समय पर नहीं पहुंच सके। इसके बावजूद शाम का सबसे बड़ा आकर्षण केन की ऐतिहासिक जीत रही, जिसने उनके शानदार प्रदर्शन को वैश्विक पहचान दिलाई है।

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