गयाजी में लोन-क्रेडिट कार्ड के नाम पर ठगी:200 से ज्यादा शिकायतों के बाद कार्रवाई, 11 मोबाइल-सिम कार्ड बरामद; मकान में छापा

गयाजी में लोन-क्रेडिट कार्ड के नाम पर ठगी:200 से ज्यादा शिकायतों के बाद कार्रवाई, 11 मोबाइल-सिम कार्ड बरामद; मकान में छापा

गयाजी में मंगलवार को लोन दिलाने और क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने खरखुरा के अशोक नगर स्थित एक मकान में छापेमारी, जहां से 2 को गिरफ्तार किया। इनके पास से 11 मोबाल, 11 सिम कार्ड, लैपटॉप, 2 फर्जी आधार कार्ड समेत अन्य सामान मिले हैं। साइबर डीएसपी दानिश के मुताबिक, बरामद मोबाइल और सिम से जुड़े मामलों में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) और अन्य माध्यमों पर 200 से अधिक शिकायतें दर्ज मिली हैं। पुलिस इन शिकायतों की तेजी से जांच कर रही है। पुलिस को देखकर भागने लगे, खदेड़कर पकड़ा साइबर डीएसपी दानिश ने पीसी में बताया कि साइबर ठगी के मामलों की जांच और कार्रवाई के लिए एसएसपी के सुशील कुमार के आदेश पर विशेष टीम बनाई गई थी। इसमें इंस्पेक्टर संजय कुमार, इंस्पेक्टर हरेश कुमार, सब-इंस्पेक्टर मुकेश कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम को सूचना मिली थी कि खरखुरा के अशोक नगर स्थित एक मकान में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। इसके बाद पुलिस ने मकान की घेराबंदी कर छापेमारी की गई। पुलिस को देखकर वहां मौजूद दो लोग भागने लगे, लेकिन सशस्त्र बल के सहयोग से उन दोनों को खदेड़कर पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गयाजी के टिकारी थाना क्षेत्र के चितोखर निवासी अजीत कुमार और अरवल जिले के कुरथा थाना क्षेत्र के फरीदपुर निवासी दीपक कुमार के रूप में हुई है। फर्जी दस्तावेज भेजकर वसूलते थे फीस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोन की जरूरत वाले लोगों को निशाना बनाते थे। इसके लिए लोन स्वीकृत होने से संबंधित फॉर्म और दूसरे दस्तावेजों को एडिट कर ग्राहकों को भेजते थे। फिर प्रोसेसिंग फीस और लोन अप्रूवल फीस के नाम पर ऑनलाइन पैसे वसूलते थे। लोन मिलने की उम्मीद में लोग उनके झांसे में आ जाते थे। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर भी ठगी की जाती थी। इसके लिए ग्राहकों को स्क्रीन शेयर करने के लिए कहा जाता था। इस दौरान क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी हासिल कर ओटीपी तक पहुंच बनाई जाती थी। इसके बाद खाते से पैसे निकाल लिए जाते थे।
दूसरे लोगों के नाम पर थे फर्जी दस्तावेज डीएसपी ने बताया कि बरामद सिम और आधार कार्ड भी दूसरे लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से जारी कराए गए थे। डीएसपी ने बताया कि इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 155/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद मोबाइल और सिम से जुड़ी शिकायतों की पड़ताल कर रही है। अनजान लिंक और स्क्रीन शेयर करने से बचें साइबर डीएसपी दानिश ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। अपना ओटीपी और निजी जानकारी किसी से साझा न करें। अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल की स्क्रीन शेयर करने से भी बचें। साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। गयाजी में मंगलवार को लोन दिलाने और क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने खरखुरा के अशोक नगर स्थित एक मकान में छापेमारी, जहां से 2 को गिरफ्तार किया। इनके पास से 11 मोबाल, 11 सिम कार्ड, लैपटॉप, 2 फर्जी आधार कार्ड समेत अन्य सामान मिले हैं। साइबर डीएसपी दानिश के मुताबिक, बरामद मोबाइल और सिम से जुड़े मामलों में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) और अन्य माध्यमों पर 200 से अधिक शिकायतें दर्ज मिली हैं। पुलिस इन शिकायतों की तेजी से जांच कर रही है। पुलिस को देखकर भागने लगे, खदेड़कर पकड़ा साइबर डीएसपी दानिश ने पीसी में बताया कि साइबर ठगी के मामलों की जांच और कार्रवाई के लिए एसएसपी के सुशील कुमार के आदेश पर विशेष टीम बनाई गई थी। इसमें इंस्पेक्टर संजय कुमार, इंस्पेक्टर हरेश कुमार, सब-इंस्पेक्टर मुकेश कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम को सूचना मिली थी कि खरखुरा के अशोक नगर स्थित एक मकान में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। इसके बाद पुलिस ने मकान की घेराबंदी कर छापेमारी की गई। पुलिस को देखकर वहां मौजूद दो लोग भागने लगे, लेकिन सशस्त्र बल के सहयोग से उन दोनों को खदेड़कर पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गयाजी के टिकारी थाना क्षेत्र के चितोखर निवासी अजीत कुमार और अरवल जिले के कुरथा थाना क्षेत्र के फरीदपुर निवासी दीपक कुमार के रूप में हुई है। फर्जी दस्तावेज भेजकर वसूलते थे फीस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोन की जरूरत वाले लोगों को निशाना बनाते थे। इसके लिए लोन स्वीकृत होने से संबंधित फॉर्म और दूसरे दस्तावेजों को एडिट कर ग्राहकों को भेजते थे। फिर प्रोसेसिंग फीस और लोन अप्रूवल फीस के नाम पर ऑनलाइन पैसे वसूलते थे। लोन मिलने की उम्मीद में लोग उनके झांसे में आ जाते थे। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर भी ठगी की जाती थी। इसके लिए ग्राहकों को स्क्रीन शेयर करने के लिए कहा जाता था। इस दौरान क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी हासिल कर ओटीपी तक पहुंच बनाई जाती थी। इसके बाद खाते से पैसे निकाल लिए जाते थे।
दूसरे लोगों के नाम पर थे फर्जी दस्तावेज डीएसपी ने बताया कि बरामद सिम और आधार कार्ड भी दूसरे लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से जारी कराए गए थे। डीएसपी ने बताया कि इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 155/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद मोबाइल और सिम से जुड़ी शिकायतों की पड़ताल कर रही है। अनजान लिंक और स्क्रीन शेयर करने से बचें साइबर डीएसपी दानिश ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। अपना ओटीपी और निजी जानकारी किसी से साझा न करें। अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल की स्क्रीन शेयर करने से भी बचें। साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।  

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