बिहार दरोगा भर्ती परीक्षा गड़बड़ी मामला:पूर्णिया से वायरल हुए थे प्रश्नपत्र, रूपेश-नरेश ने सॉल्वर गैंग से तैयार कराए थे जवाब

बिहार दरोगा भर्ती परीक्षा गड़बड़ी मामला:पूर्णिया से वायरल हुए थे प्रश्नपत्र, रूपेश-नरेश ने सॉल्वर गैंग से तैयार कराए थे जवाब

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की दरोगा भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। विज्ञापन संख्या 05/2025 के तहत आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में पूर्णिया के एक परीक्षा केंद्र से दो प्रश्नपुस्तिकाएं परीक्षा शुरू होने के बाद बाहर भेजे जाने की पुष्टि हुई है। जांच के मुताबिक, 18 जनवरी 2026 को पहली पाली में प्रश्नपुस्तिका संख्या 51212241 और दूसरी पाली में प्रश्नपुस्तिका संख्या 52212038 की तस्वीरें परीक्षा केंद्र से बाहर भेजी गई थीं। आरोप है कि परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों और अन्य लोगों की मिलीभगत से प्रश्नपत्र बाहर भेजे गए और सॉल्वर गैंग से उनके जवाब तैयार कराए गए। दो अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में हुए पास जांच में सामने आया कि पहली पाली के अभ्यर्थी रूपेश कुमार और दूसरी पाली के अभ्यर्थी नरेश कुमार के प्रश्नपत्र बाहर भेजे गए थे। दोनों प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए। रूपेश कुमार मुख्य परीक्षा में भी पास हुआ है। दोनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आयोग को अनुशंसा भेजी जा रही है। केंद्राधीक्षक और कर्मचारी पर भी आरोप EOU की जांच में पूर्णिया सिटी स्थित +2 आरपीसी हाई स्कूल के केंद्राधीक्षक मो. मुजफ्फर आलम और कार्यालय कर्मचारी विवेक कुमार की भूमिका पर सवाल उठे हैं। आरोप है कि केंद्राधीक्षक ने वास्तविक सीटिंग प्लान से अलग रिकॉर्ड तैयार किया और परीक्षा कक्ष में अभ्यर्थियों को मनमाने तरीके से बैठाया। वहीं, ड्यूटी चार्ट पर गलत तरीके से हस्ताक्षर कराने का आरोप भी सामने आया है। EOU थाने में FIR दर्ज जांच के आधार पर आर्थिक अपराध थाना में 27 अक्टूबर 2026 को कांड संख्या 30/2026 दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता, 2023 और बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। EOU ने अपनी जांच रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग को भेजी है। मामले में आगे की जांच जारी है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की दरोगा भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। विज्ञापन संख्या 05/2025 के तहत आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में पूर्णिया के एक परीक्षा केंद्र से दो प्रश्नपुस्तिकाएं परीक्षा शुरू होने के बाद बाहर भेजे जाने की पुष्टि हुई है। जांच के मुताबिक, 18 जनवरी 2026 को पहली पाली में प्रश्नपुस्तिका संख्या 51212241 और दूसरी पाली में प्रश्नपुस्तिका संख्या 52212038 की तस्वीरें परीक्षा केंद्र से बाहर भेजी गई थीं। आरोप है कि परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों और अन्य लोगों की मिलीभगत से प्रश्नपत्र बाहर भेजे गए और सॉल्वर गैंग से उनके जवाब तैयार कराए गए। दो अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में हुए पास जांच में सामने आया कि पहली पाली के अभ्यर्थी रूपेश कुमार और दूसरी पाली के अभ्यर्थी नरेश कुमार के प्रश्नपत्र बाहर भेजे गए थे। दोनों प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए। रूपेश कुमार मुख्य परीक्षा में भी पास हुआ है। दोनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आयोग को अनुशंसा भेजी जा रही है। केंद्राधीक्षक और कर्मचारी पर भी आरोप EOU की जांच में पूर्णिया सिटी स्थित +2 आरपीसी हाई स्कूल के केंद्राधीक्षक मो. मुजफ्फर आलम और कार्यालय कर्मचारी विवेक कुमार की भूमिका पर सवाल उठे हैं। आरोप है कि केंद्राधीक्षक ने वास्तविक सीटिंग प्लान से अलग रिकॉर्ड तैयार किया और परीक्षा कक्ष में अभ्यर्थियों को मनमाने तरीके से बैठाया। वहीं, ड्यूटी चार्ट पर गलत तरीके से हस्ताक्षर कराने का आरोप भी सामने आया है। EOU थाने में FIR दर्ज जांच के आधार पर आर्थिक अपराध थाना में 27 अक्टूबर 2026 को कांड संख्या 30/2026 दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता, 2023 और बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। EOU ने अपनी जांच रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग को भेजी है। मामले में आगे की जांच जारी है।  

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