प्रतापगढ़ के डॉ. सोनेलाल पटेल स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस छात्र मिथिलेश कुमार का शव मंगलवार सुबह उनके पैतृक गांव बलिया के मझौवा पहुंचा। छात्र की मौत मेडिकल कॉलेज के छात्रावास परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां धनवाती देवी बेटे का शव देखकर अर्धबेहोश हो गईं। पिता रामकविलाश ने कांपते हाथों से बेटे को मुखाग्नि दी। मिथिलेश की बहन प्रियंका ने भाई की मौत को हत्या बताते हुए कई सवाल उठाए हैं। परिजनों ने तहरीर में भी हत्या कर साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाया है। हालांकि, मौत की असल वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही स्थिति साफ हो सकेगी। बहन बोलीं- यह सुनियोजित हत्या है मृतक की बहन प्रियंका ने आरोप लगाया कि उनके भाई की हत्या की गई है। उन्होंने कहा, “मेरे हिसाब से 100 प्रतिशत मर्डर है। यह प्री-प्लान्ड मर्डर है।” प्रियंका के मुताबिक, मिथिलेश के शरीर पर बाहर से खरोंच के निशान नहीं थे, जबकि पेल्विस बोन और दोनों तरफ की पसलियां टूटी हुई थीं। मुंह से हल्का खून भी आया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस जगह अशोक के पेड़ के नीचे शव मिला, वहां पेड़ की एक टहनी तक नहीं टूटी थी। उनके मुताबिक, सातवीं मंजिल से किसी भारी व्यक्ति के गिरने पर जमीन पर निशान होने चाहिए थे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं दिखा। प्रियंका ने यह भी आरोप लगाया कि परिवार ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन शुरुआत में मुकदमा दर्ज करने में टालमटोल की गई। उन्होंने कहा कि परिवार ने सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की, लेकिन फुटेज नहीं दिखाया गया। उनके अनुसार, देर रात करीब 11 बजे मुकदमा दर्ज किया गया। हॉस्टल के पार्क में औंधे मुंह मिला था शव मिथिलेश कुमार का शव रविवार सुबह मेडिकल कॉलेज के केशव राय हॉस्टल परिसर स्थित पार्क में मिला था। वह एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र थे। सुबह छात्रों ने शव देखा तो कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। छात्र की मौत हत्या, आत्महत्या या हादसे के कारण हुई, इसे लेकर उस समय स्थिति स्पष्ट नहीं थी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच शुरू की। सातवीं मंजिल पर मिले थे चश्मा और दो मोबाइल मिथिलेश केशव राय हॉस्टल की पहली मंजिल पर कमरा नंबर 211 में रहते थे। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद एएसपी आलोक कुमार ने छात्र के कमरे की भी जांच की। वहां से मोबाइल और लैपटॉप जब्त किए गए। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस को छात्र के दो मोबाइल फोन और चश्मा मेडिकल कॉलेज की सातवीं मंजिल की छत पर मिले थे। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर भी घटनाक्रम की जांच कर रही थी। दोस्तों ने बताया- शाम को चाय पीने बाहर गया था मिथिलेश के दोस्तों के मुताबिक, वह शनिवार शाम कॉलेज से बाहर चाय पीने गया था। लौटने पर वह सामान्य था। दोस्तों ने पुलिस को बताया कि वह एमबीबीएस प्रथम वर्ष में फेल होने और दोबारा परीक्षा देने के बाद एक पेपर अच्छा न होने के कारण तनाव में रहता था। हालांकि, यह जानकारी छात्र की मौत का कारण साबित नहीं करती। परिजनों की शिकायत के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात करीब 8:15 बजे मिथिलेश अपने दोस्तों दीपक सोनकर, चिन्मय जैन और धीरू यादव के साथ मेहमान ढाबे पर खाना खाने गया था। इसके बाद वह राजा प्रताप बहादुर अस्पताल में कार्यरत अपने भाई प्रियांशु से मिलने पहुंचा। परिजनों के अनुसार, वह रात करीब 11:30 बजे दोस्त जुनैद खान के साथ हॉस्टल लौटा था। परिजनों ने छात्रों पर लगाए गंभीर आरोप परिजनों की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि हॉस्टल लौटने के बाद छात्र हर्ष राज ने मिथिलेश से बगल वाले कमरे में सोने के लिए कहा। इसके बाद मिथिलेश बाइक की चाबी लेने के लिए चिन्मय जैन के कमरे की ओर गया, जहां वह फारुख नाम के छात्र के संपर्क में आया। परिजनों ने आरोप लगाया कि इसके बाद चिन्मय जैन, हर्ष राज, फारुख और पांच से दस अन्य लोगों ने मिलकर मिथिलेश की हत्या कर दी। उन्होंने शव को कॉलेज परिसर के पार्क में फेंकने और साक्ष्य मिटाने का प्रयास किए जाने का भी आरोप लगाया है। मृतक के पिता ने शिकायत में कॉलेज परिसर में जातिगत भेदभाव का मुद्दा भी उठाया है। ये सभी आरोप हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। तीन भाइयों में बीच का था मिथिलेश मिथिलेश तीन भाइयों में बीच के थे। उनके बड़े भाई मुकेश प्रयागराज में रहकर सिविल सर्विस की तैयारी करते हैं, जबकि छोटे भाई उमेश मथुरा में एलटी का कोर्स कर रहे हैं। घटना की सूचना मिलने पर उमेश रविवार सुबह कुछ अन्य लोगों के साथ प्रतापगढ़ रवाना हो गए थे। पिता रामकविलाश पश्चिम बंगाल की कोलफील्ड में कार्यरत हैं। बेटी रानी उर्फ प्रियंका चिलकहर ब्लॉक में सीएचओ के पद पर तैनात हैं। उनकी शादी पिछले साल मई में हुई थी। मां धनवाती देवी गृहिणी हैं और गांव में रहती हैं। परिजनों के मुताबिक, मिथिलेश करीब 15 दिन पहले ही घर आए थे। मां ने बताया कि शनिवार रात करीब आठ बजे उनकी बेटे से बात हुई थी और उस समय सब कुछ सामान्य था। बेटे की मौत की खबर उन्हें पहले नहीं दी गई थी। मंगलवार सुबह शव गांव पहुंचा तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। मिथिलेश की मौत को लेकर परिजनों ने हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप लगाए हैं। वहीं, मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही यह तय हो सकेगा कि छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

