Eknath Shinde Warning: महाराष्ट्र में सूखे की मार झेल रहे किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों के लिए 7,500 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही किसानों को दिवाली से पहले तत्काल सहायता के तौर पर 5,000 रुपये देने का निर्णय लिया गया है। शिंदे ने फाइनेंस कंपनियों, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों और साहूकारों को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने किसानों पर कर्ज वसूली के लिए दबाव बनाया, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किसानों को मिलेंगे 5,000 रुपये
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज्य में सूखे की स्थिति गंभीर है और किसानों पर बड़ा संकट आया है। सरकार ने सूखा घोषित कर दिया है और सूखा राहत के नियमों के तहत किसानों को जरूरी सहायता दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि किसानों के बैंक खातों में तत्काल मदद के तौर पर 5,000 रुपये जमा किए जाएंगे। सरकार ने किसानों की दिवाली खराब न होने देने का वादा किया था और अब उस दिशा में कदम उठाया गया है।
कर्ज वसूली के लिए दबाव बनाया तो होगी कार्रवाई
एकनाथ शिंदे ने फाइनेंस कंपनियों, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों और साहूकारों को साफ चेतावनी दी कि वे किसानों से जबरन कर्ज वसूली न करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं। जो भी इन निर्देशों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। शिंदे ने कहा कि अगर कोई किसानों को कर्ज वसूली के लिए परेशान करता है, तो सरकार उसे बख्शेगी नहीं। मंत्रिमंडल की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई है।
किसानों को मिलेंगी सूखे से जुड़ी राहत और रियायतें
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को केवल तत्काल आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि सूखे के नियमों के तहत अन्य राहत भी दी जाएगी। इसमें शिक्षा में रियायत, चारे और पानी की व्यवस्था में सहायता, कर्ज वसूली से राहत और कर्ज के पुनर्गठन जैसे उपाय शामिल हैं। शिंदे ने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों को अकेला नहीं छोड़ेगी और संकट की इस घड़ी में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।

