जमुई के मड़वा पहाड़ के पास छात्रा के साथ हुई छेड़खानी और अभद्र व्यवहार के मामले में पुलिस ने अनुसंधान पूरा कर लिया है।मामले में वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर करीब 300 पन्नों का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया है। पुलिस ने नंदन यादव, हरेराम यादव समेत कुल सात लोगों को आरोपी बनाया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के साथ पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। एसपी विश्वजीत दयाल ने इसकी जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान तकनीकी अनुसंधान और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों को आधार बनाया गया। इन साक्ष्यों को चार्जशीट में शामिल किया गया है। अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय में चलेगी। 19 सितंबर को हुई थी घटना, वीडियो सामने आने के बाद जांच तेज मामला 19 सितंबर 2026 का है। जमुई के मड़वा पहाड़ इलाके में 14 वर्षीय छात्रा के साथ सड़क पर छेड़खानी और अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगा था। घटना का वीडियो 21 सितंबर को सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार,वीडियो की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता की पहचान की गई और प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई। वीडियो में दिखाई दे रहे तीन नाबालिगों को पकड़ा गया था।वहीं,पुलिस ने मुख्य आरोपियों के रूप में सामने आए नंदन यादव और हरेराम यादव की तलाश में कार्रवाई की। दोनों आरोपियों को किया गया था गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर को नदी किनारे झाड़ियों में छिपे होने के दौरान दोनों मुख्य आरोपियों से मुठभेड़ की स्थिति बनी। इस दौरान हरेराम यादव घायल हुआ, जबकि नंदन यादव के पुलिस पर गोली चलाने के बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। उसका हाफ एनकाउंटर किया गया था। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया। इसके बाद हरेराम यादव को 23 सितंबर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, नंदन यादव को 28 सितंबर 2026 को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया और उसे भी न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अब पुलिस ने जांच पूरी कर सात आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। मामले में आरोपों की सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर आगे का फैसला न्यायालय करेगा। जमुई के मड़वा पहाड़ के पास छात्रा के साथ हुई छेड़खानी और अभद्र व्यवहार के मामले में पुलिस ने अनुसंधान पूरा कर लिया है।मामले में वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर करीब 300 पन्नों का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया है। पुलिस ने नंदन यादव, हरेराम यादव समेत कुल सात लोगों को आरोपी बनाया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के साथ पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। एसपी विश्वजीत दयाल ने इसकी जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान तकनीकी अनुसंधान और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों को आधार बनाया गया। इन साक्ष्यों को चार्जशीट में शामिल किया गया है। अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय में चलेगी। 19 सितंबर को हुई थी घटना, वीडियो सामने आने के बाद जांच तेज मामला 19 सितंबर 2026 का है। जमुई के मड़वा पहाड़ इलाके में 14 वर्षीय छात्रा के साथ सड़क पर छेड़खानी और अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगा था। घटना का वीडियो 21 सितंबर को सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार,वीडियो की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता की पहचान की गई और प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई। वीडियो में दिखाई दे रहे तीन नाबालिगों को पकड़ा गया था।वहीं,पुलिस ने मुख्य आरोपियों के रूप में सामने आए नंदन यादव और हरेराम यादव की तलाश में कार्रवाई की। दोनों आरोपियों को किया गया था गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर को नदी किनारे झाड़ियों में छिपे होने के दौरान दोनों मुख्य आरोपियों से मुठभेड़ की स्थिति बनी। इस दौरान हरेराम यादव घायल हुआ, जबकि नंदन यादव के पुलिस पर गोली चलाने के बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। उसका हाफ एनकाउंटर किया गया था। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया। इसके बाद हरेराम यादव को 23 सितंबर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, नंदन यादव को 28 सितंबर 2026 को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया और उसे भी न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अब पुलिस ने जांच पूरी कर सात आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। मामले में आरोपों की सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर आगे का फैसला न्यायालय करेगा।

