मथुरा में ब्रजरज उत्सव में प्रस्तुति देने पहुंचे प्रसिद्ध गायक और मिमिक्री कलाकार सुदेश भोसले ने मथुरावासियों के प्यार और उत्साह की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्षों से देश-विदेश में कार्यक्रम कर रहे हैं, लेकिन मथुरा में दर्शकों से मिला प्यार और हर प्रस्तुति पर मिला शानदार प्रतिसाद उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। उन्होंने उत्तर प्रदेश शासन और हेमा मालिनी का आभार जताते हुए कहा कि दोबारा बुलाया गया तो वह अपनी टीम के साथ जरूर आएंगे। सुदेश भोसले ने कहा कि उन्होंने हेमा मालिनी से बातचीत में बताया था कि वह मधुर गीत भी प्रस्तुत कर सकते थे,लेकिन दर्शकों में युवाओं की संख्या अधिक होने के कारण उनका मनोरंजन करना जरूरी था। कार्यक्रम की अच्छी व्यवस्था के लिए उन्होंने प्रशासन और पुलिसकर्मियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि अगले दिन वह मथुरा और वृंदावन में दर्शन करेंगे। ब्रजवासियों के नाम संदेश देते हुए सुदेश भोसले ने आपसी प्रेम, भाईचारे और सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जिंदगी बहुत छोटी है, इसलिए लोगों को लड़ने के बजाय एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए। गले मिलकर रहना,गलतियों के लिए माफी मांगना और दूसरों को माफ करना सीखना चाहिए। इंसान का जन्म मिला है तो जीवनभर दूसरों का भला सोचने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में कार्यक्रमों के दौरान उन्हें दर्शकों का प्यार मिलता रहा है,लेकिन मथुरा में लोगों का व्यवहार खास रहा।यहां दर्शकों ने जिस तरह उनका स्वागत किया और उनके प्रति अपनापन दिखाया, उससे वह बेहद खुश हुए। बॉलीवुड के वरिष्ठ कलाकारों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने आशा भोसले, किशोर कुमार और लता मंगेशकर का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आशा भोसले के साथ उन्होंने वर्ष 1986 से 2026 तक करीब 40 साल काम किया। किशोर कुमार के साथ भी पांच साल काम करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि जब संगीत जगत के ऐसे दिग्गज कलाकार दुनिया से विदा होते हैं तो ऐसा लगता है, जैसे परिवार का कोई सदस्य बिछड़ गया हो। सुदेश भोसले ने अंत में कहा कि जीवन में धन-दौलत और बड़ी गाड़ियों से ज्यादा महत्वपूर्ण संतोष और अच्छे विचार हैं।

