हरियाणा में डेंगू और मलेरिया के मामलों में निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है लेकिन बावजूद इसके लोगों द्वारा जरूरी निर्देश और गाइडलाइंस फॉलो नहीं की जा रही। राज्य में ‘नगरपालिका उप-नियम (वीबीडी पर नियंत्रण)-2010’ लागू हैं, जिसके तहत मच्छर पाए जाने पर 53051 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग ने 51729 और यूएलबी ने 1322 नोटिस जारिए किए हैं । स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राप्त आधाकारिक जानकारी अनुसार 1 लाख 12 हजार घरों में मच्छर का लारवा भी मिला है जो स्पष्ट तौर पर लोगों की लापरवाही को दर्शाता है। इस साल 774 मामले रिपोर्ट हुए इस साल अब तक हरियाणा में डेंगू के 774 से ज़्यादा मामले सामने आ चुके हैं जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को अतिरिक्त सावधानी और ऐहतियात बरतने की सलाह दी है। पिछले करीब एक महीने में डेंगू के मामले दोगुने से भी ज्यादा चुके हैं। अगर सबसे ज्यादा डेंगू के मामलों की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस साल सबसे ज़्यादा 96 मामले गुरुग्राम जिले में सामने आए हैं, इसके बाद गुरुग्राम में 75, सोनीपत में 68, फरीदाबाद में 65 और झज्जर में 62 मामले रिपोर्ट हुए हैं। गनीमत रहा है कि इस साल इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है।
सबसे ज्यादा 11836 मामले 2021 में, 2015 से अब तक 51 की बीमारी से मौत हुई हरियाणा में डेंगू के चलते 2015 से 2025 तक की अवधि में कुल 51 मौतें हुईं। साल 2024 में इस बीमारी से 9 लोगों की मौत हुई, जबकि 2023 में 11 लोगों की मौत हुई। 2016 से 2020 तक पाँच साल की अवधि में राज्य में इस बीमारी से कोई मौत नहीं हुई। 2015 में 18 मरीजों की मौत हुई, जबकि 2022 में 13 मरीजों की मौत हुई। उपरोक्त अवधि में डेंगू के सबसे ज़्यादा मामले 2021 में दर्ज किए गए, जिनकी कुल संख्या 11,837 थी। राज्य में 2015 में 9,921 और 2016 में 2,494 मामले सामने आए थे। इसके बाद, 2017 में नए मामलों में काफी कमी देखी गई और यह संख्या घटकर 4,550 रह गई। 2018 में कुल 1,936 मामले सामने आए, और 2020 में 1,377 कन्फर्म मामले दर्ज किए गए। इसके बाद, 2021 में मामलों में तेज़ी आई, जिससे कुल 11,836 कन्फर्म मामले सामने आए। साथ ही, 2022 और 2023 में क्रमशः 8,996 और 8,081 मामले सामने आए। राज्य में डेंगू की जांच के लिए 27 प्रयोगशाला ये भी बता दें कि प्रदेश में डेंगू की जांच के लिए 27 प्रयोगशाला हैं। वहीं सिविल अस्पतालों व अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 267 वार्ड और 1070 बेड डेंगू मरीजों के लिए रिजर्व किए गए हैं। बीमारी की जांच के लिए प्राइवेट लैब-अस्पतालों में अधिकतम 600 रुपए चार्ज किए जाने की लिमिट सरकार द्वारा तय की गई है।

