कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 2018 के मानहानि मामले में सुल्तानपुर की स्पेशल MP/MLA कोर्ट में आज फैसला सुनाया जाना है। सुनवाई और फैसले से पहले उनके वकील संतोष कुमार पांडे ने मामले की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ने अमित शाह पर की गई टिप्पणी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। वकील के मुताबिक, अगर कोर्ट राहुल गांधी को बरी कर देता है, तो शिकायतकर्ता के पास ऊपरी अदालत में अपील करने का विकल्प रहेगा। वहीं, अगर कोर्ट उन्हें दोषी ठहराता है, तो भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत दो साल तक की साधारण जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़ा है मामला
राहुल गांधी के वकील संतोष कुमार पांडे ने बताया कि यह मामला बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने अमित शाह को एक हत्या के मामले में आरोपी बताया था। इसके बाद विजय मिश्रा ने शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय विजय मिश्रा जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष और जिले में भाजपा के उपाध्यक्ष थे। वकील ने बताया कि शुरुआती सबूत मिलने के बाद कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 500 के तहत राहुल गांधी को समन जारी किया था। मामले में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं और शिकायत को साबित करने के लिए तीन गवाहों से पूछताछ की गई।
बरी होने पर शिकायतकर्ता के पास अपील का विकल्प
संतोष कुमार पांडे ने बताया कि फैसले के समय राहुल गांधी की कोर्ट में मौजूदगी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर कोर्ट उन्हें बरी कर देता है, तो शिकायतकर्ता ऊपरी अदालत में अपील कर सकता है। वहीं, अगर कोर्ट उन्हें दोषी ठहराता है, तो दो साल तक की साधारण जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। वकील ने कहा कि राहुल गांधी को दोषी ठहराने या बरी करने का फैसला और सजा की अवधि पूरी तरह कोर्ट के निर्णय पर निर्भर करेगी। फैसला मामले में पेश किए गए कानूनी सबूतों के आधार पर सुनाया जाएगा।
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