गोंडा में माता-पिता की डांट से नाराज होकर कुशीनगर से ट्रेन पकड़कर हरियाणा जा रहीं तीन नाबालिग बालिकाओं को सोमवार तड़के गोंडा रेलवे स्टेशन पर बरामद किया गया। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने पूछताछ के बाद तीनों को सुरक्षित रेलवे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया। बालिकाओं के परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके गोंडा पहुंचने की जानकारी दी गई है। चाइल्ड लाइन की टीम मामले में आगे की पूछताछ कर रही है। जानकारी के अनुसार, सोमवार तड़के करीब 12:30 बजे ट्रेन संख्या 04535 में चेकिंग के दौरान टीटी को एक जगह तीन नाबालिग बालिकाएं बैठी दिखाई दीं। इसकी सूचना गोंडा आरपीएफ को दी गई। इसके बाद कांस्टेबल अमन कुमार त्रिपाठी और हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश शर्मा ट्रेन के A2 कोच में पहुंचे और तीनों बालिकाओं को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। महिला कांस्टेबल की निगरानी में रखा आरपीएफ टीम तीनों बालिकाओं को पोस्ट पर लेकर आई। यहां महिला कांस्टेबल जयंती मिश्रा की निगरानी में उन्हें सुरक्षित रखा गया। इसके बाद सहायक उपनिरीक्षक सोनू कुमार गुप्ता ने रेलवे चाइल्ड लाइन गोंडा के सुपरवाइजर अमित पांडेय और महिला सुपरवाइजर अलका पांडेय को सूचना देकर बुलाया। उनकी मौजूदगी में बालिकाओं से शालीनतापूर्वक पूछताछ की गई। डांट से नाराज होकर घर से निकली थीं पूछताछ में तीनों बालिकाओं ने बताया कि वे कुशीनगर जिले की रहने वाली हैं और माता-पिता की डांट से नाराज होकर घर से निकल आई थीं। वे ट्रेन से हरियाणा जा रही थीं। रेलवे सुरक्षा बल ने उन्हें समझाया और इसके बाद रेलवे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया। नाबालिग होने के कारण उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। परिजनों को दी सूचना, आगे की पूछताछ जारी गोंडा आरपीएफ प्रभारी अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि टीटी की सूचना पर पुलिसकर्मियों ने ट्रेन में पहुंचकर तीनों बालिकाओं से बातचीत की। इसके बाद उन्हें रेलवे चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया गया। बालिकाओं के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। चाइल्ड लाइन की टीम आगे की पूछताछ और आवश्यक कार्रवाई कर रही है।

