पूर्व IAS राम बहादुर आज थामेंगे सपा का दामन:कभी मायावती के थे सबसे करीबी, अब PDA समीकरण को मजबूत करेंगे

पूर्व IAS राम बहादुर आज थामेंगे सपा का दामन:कभी मायावती के थे सबसे करीबी, अब PDA समीकरण को मजबूत करेंगे

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच सियासी समीकरण साधने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में सपा आज एक ऐसे चेहरे को अपने साथ जोड़ने जा रही है, जिसका प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों में लंबा अनुभव रहा है। पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर आज अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा मुख्यालय पर पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। कभी बसपा प्रमुख मायावती के करीबी माने जाने वाले राम बहादुर का सपा में शामिल होना प्रदेश की दलित राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। राम बहादुर को पार्टी से जोड़कर सपा दलित समाज, विशेषकर पासी समुदाय के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। राम बहादुर का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने उन्हें लखनऊ की मोहनलालगंज सुरक्षित विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, इस चुनाव में उन्हें सपा के प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने अपनी नागरिक एकता पार्टी बनाई और 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। अब वह भाजपा से अलग होकर समाजवादी पार्टी के साथ अपनी नई राजनीतिक पारी शुरू करने जा रहे हैं।राम बहादुर यूपी कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी हैं। वह गोंडा के जिलाधिकारी और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। सपा के लिए क्यों महत्वपूर्ण?
प्रोफाइल: नाम: राम बहादुर पासी पहचान: पूर्व IAS अधिकारी और राजनेता समुदाय: पासी कैडर: उत्तर प्रदेश राजनीतिक पहचान: बसपा → नागरिक एकता पार्टी → भाजपा → सपा
प्रशासनिक करियर 1977 बैच के PCS अधिकारी रहे। वर्ष 2010 में पदोन्नति पाकर IAS बने। दिसंबर 2015 में प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त हुए। गोंडा के जिलाधिकारी रहे। लखनऊ व गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रहे।
राजनैतिक सफर 2015: प्रशासनिक सेवा से रिटायर 2017: बसपा के टिकट पर मोहनलालगंज से विधानसभा चुनाव लड़ा 2018:नागरिक एकता पार्टी का गठन जनवरी 2022: भाजपा में शामिल हुए अक्टूबर 2026: सपा में शामिल होंगे
महज 530 वोट से हारे थे 2017 का चुनाव मोहनलालगंज विधानसभा सीट (सुरक्षित), लखनऊ सपा प्रत्याशी–अंबरीश सिंह पुष्कर–71,574 बसपा प्रत्याशी–राम बहादुर–71,044 हार-जीत का अंतर–530 वोट 2017 में जिस सपा प्रत्याशी से राम बहादुर चुनाव हारे थे, अब उसी पार्टी में उनकी नई राजनीतिक पारी शुरू होने जा रही है। ……….

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