रेवाड़ी नगर परिषद में उपप्रधान चुनाव के बाद शहर की राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक माने जाने वाले पार्षदों के बीच उभरी खींचतान के बीच रविवार को नगर पार्षद चेतराम सैनी के खेमे के 10 पार्षदों ने गुरुग्राम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात को रेवाड़ी नगर परिषद की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। उपप्रधान चुनाव में चेतराम सैनी को 14 वोट मिले थे, जबकि राव इंद्रजीत सिंह के समर्थन वाले निखिल मांडिया को 19 वोट मिले थे। पांच वोटों से चुनाव हारने के बाद अब चेतराम सैनी खेमे के पार्षदों की राव नरबीर सिंह से मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। नगर परिषद के निकाय चुनाव के बाद 28 पार्षदों के राव इंद्रजीत सिंह के समर्थन में होने की बात सामने आई थी। चुनाव में जीत के बाद ये पार्षद रामपुरा हाउस पहुंचे थे, जहां उन्हें पार्टी का पटका पहनाया गया था। इससे माना जा रहा था कि नगर परिषद में राव इंद्रजीत सिंह के समर्थकों का प्रभाव रहेगा। हालांकि, उपप्रधान चुनाव के दौरान समीकरण बदलने लगे। सैनी सभा के पूर्व प्रधान चेतराम सैनी, जो पहले राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक माने जाते थे, निखिल मांडिया को समर्थन दिए जाने के बाद नाराज हो गए। इसके बाद उन्होंने पार्षदों के एक समूह के साथ उपप्रधान पद का चुनाव लड़ा। उपप्रधान चुनाव के बाद आमने-सामने आए 2 खेमे नगर परिषद उपप्रधान चुनाव में चेतराम सैनी और निखिल मांडिया के बीच मुकाबला रोचक रहा था। चुनाव में चेतराम सैनी को 14 वोट मिले, जबकि निखिल मांडिया को 19 वोट हासिल हुए। इस तरह चेतराम सैनी पांच वोटों से चुनाव हार गए। इसके बाद उनके खेमे के पार्षदों की राव नरबीर सिंह से मुलाकात को नगर परिषद में बदलते राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। इस घटनाक्रम से पहले नगर परिषद में राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक माने जाने वाले पार्षदों का प्रभाव माना जा रहा था। अब चेतराम सैनी के खेमे के पार्षदों के राव नरबीर सिंह से मिलने के बाद पार्षदों के बीच दो अलग-अलग खेमे बनने की चर्चा है। इससे आने वाले दिनों में नगर परिषद की राजनीति में खींचतान बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। रामपुरा हाउस की कोशिशों के बीच गुरुग्राम पहुंचे पार्षद उपप्रधान चुनाव के बाद रामपुरा हाउस से जुड़े समर्थकों की ओर से नाराज होकर अलग हुए पार्षदों को वापस जोड़ने के प्रयास किए जाने की बात सामने आई थी। इसी बीच रविवार को चेतराम सैनी के साथ पार्षदों का समूह गुरुग्राम पहुंचा और कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान पार्षदों ने उनके साथ लंच भी किया। इस मुलाकात में नगर पार्षद चेतराम सैनी, रंजना भारद्वाज और पार्षद प्रतिनिधि मोनू राव सहित अन्य लोग शामिल रहे। इनके अलावा सचिन भालिया, पूनम, संदीप यादव, ओम प्रकाश सैनी, चंदन यादव, पवन बटला और मुकेश सोनी के नाम भी सामने आए हैं। बताया गया कि इस समूह में कुछ अन्य पार्षद भी शामिल थे। दूसरे पार्षदों के भी संपर्क में आने की चर्चा मुलाकात के बाद यह चर्चा भी सामने आई कि नगर परिषद के कुछ और पार्षद आने वाले दिनों में राव नरबीर सिंह से मुलाकात कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो नगर परिषद में पार्षदों के बीच राजनीतिक समीकरण और बदल सकते हैं। फिलहाल इस मुलाकात को राव इंद्रजीत सिंह के खेमे के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, मुलाकात के बाद पार्षदों की आगे की रणनीति को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नगर परिषद में दोनों खेमों के बीच आगे क्या समीकरण बनते हैं और इसका परिषद के कामकाज पर क्या असर पड़ता है।

